कभी देखी है नीली ट्रैफिक लाइट? सिर्फ इसी देश में होता है इसका इस्तेमाल, मतलब है बेहद खास

नीली ट्रैफिक लाइट देखकर कोई भी चकित हो जाए, लेकिन दुनिया में एक देश ऐसा है जहां यह बिल्कुल सामान्य है.

Advertisement
जापान में नीले रंग को 'आओ' कहा जाता है (Photo:Pexel) जापान में नीले रंग को 'आओ' कहा जाता है (Photo:Pexel)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 19 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:35 PM IST

दुनिया भर में ट्रैफिक लाइट का मतलब लगभग एक जैसा होता है. लाल रंग रुकने का संकेत देता है, पीला सतर्क रहने को कहता है और हरा रंग आगे बढ़ने की इजाजत देता है. लेकिन जापान पहुंचते ही कई लोग हैरान हो जाते हैं, क्योंकि वहां ग्रीन ट्रैफिक लाइट को लोग ‘नीली’ कहते हैं. इतना ही नहीं, कुछ जगहों पर सिग्नल का रंग भी हल्का नीला-सा दिखाई देता है. सवाल उठता है कि आखिर जापान में ग्रीन सिग्नल को ब्लू क्यों कहा जाता है?

Advertisement

भाषा के इतिहास में छुपा है जवाब

रीडर डाइजेस्ट के मुताबिक,  इस सवाल का जवाब जापानी भाषा के इतिहास से जुड़ा है. भाषा विशेषज्ञों के मुताबिक, प्राचीन जापानी भाषा में रंगों के लिए बहुत सीमित शब्द थे. उस समय केवल चार रंगों के नाम प्रचलित थे-लाल, काला, सफेद और नीला. इन चार रंगों में ही बाकी सभी रंगों को समझा और बताया जाता था.

इसी वजह से हरे रंग को भी लंबे समय तक ‘आओ’, यानी नीले रंग की श्रेणी में रखा गया. बाद में ‘मिदोरी’ शब्द सामने आया, जिसका इस्तेमाल खास तौर पर हरियाली और प्रकृति के लिए होने लगा. हालांकि भाषा में नया शब्द जुड़ गया, लेकिन ‘आओ’ का चलन खत्म नहीं हुआ.

यह भी पढ़ें: अब सड़कों पर लगाई जा रही नीले रंग की बत्ती? जान लीजिए क्या है इसका मतलब

Advertisement

ट्रैफिक सिग्नल में कैसे आया ‘नीला’ रंग

जापान में ट्रैफिक सिग्नल 1930 के दशक में शुरू हुए. शुरुआत में हरी लाइट को सामान्य तौर पर हरा ही कहा जाता था. लेकिन 1960 में लागू हुए रोड ट्रैफिक कानून में हरे सिग्नल को आधिकारिक तौर पर ‘आओ’ यानी नीला लिखा गया. लोगों की बोलचाल में पहले से यही शब्द इस्तेमाल हो रहा था, इसलिए यह नाम आसानी से स्वीकार कर लिया गया.

बाद में जब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यह सवाल उठा कि सिग्नल का रंग हरा होना चाहिए, तब 1973 में जापान सरकार ने एक बीच का रास्ता निकाला. तय किया गया कि सिग्नल का रंग ऐसा नीला-सा हरा होगा, जिसे देखकर वह हरा लगे, लेकिन भाषा में उसे ‘आओ’ कहा जा सके.

सिर्फ ट्रैफिक लाइट ही नहीं

जापान में कई ऐसी चीजें हैं, जो दिखने में हरी होती हैं लेकिन भाषा में उन्हें नीला कहा जाता है. जैसे हरा सेब, कच्ची पत्तियां, धान के खेत या नई पत्तियों के लिए भी ‘आओ’ शब्द इस्तेमाल होता है. यहां ‘आओ’ का मतलब सिर्फ रंग नहीं, बल्कि नया, कच्चा या अनुभवहीन होना भी हो सकता है.

तो क्या जापान की ट्रैफिक लाइट सच में नीली है?

असल में नहीं. ज्यादातर ट्रैफिक लाइट हरी ही होती हैं, लेकिन उनका रंग थोड़ा नीलेपन लिए होता है. आंखों से देखने पर वह हरी लगती है, लेकिन भाषा में उसे आज भी नीला कहा जाता है.अगर आप जापान घूमने जा रहे हैं, तो यह बात याद रखिए-जब कोई ‘आओ’ बोले, तो समझिए सिग्नल हरा है और आगे बढ़ने की इजाजत मिल चुकी है.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement