जब बंगाल का अंतिम नवाब नहीं रहा...

एक ऐसा नवाब जो महज 1 साल के लिए स्वतंत्र बंगाल की गद्दी पर बैठा और जिसकी हार ने भारत पर अंग्रेजों के राज के रास्ते खोले. सिराजुद्दौला का इंतकाल साल 1757 में 2 जुलाई के रोज हुआ था...

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Siraj ud-Daulah Siraj ud-Daulah

विष्णु नारायण

  • नई दिल्ली,
  • 02 जुलाई 2016,
  • अपडेटेड 11:09 AM IST

मिर्जा सिराजुद्दौला को दुनिया एक ऐसे नवाब के तौर पर जानती है जो स्वतंत्र बंगाल का आखिरी नवाब था. उसका इंतकाल साल 1757 में 2 जुलाई को हुआ था.

1. सिराजुद्दौला ने केवल एक साल के लिए गद्दी संभाली थी.

2. ब्रिटिश सेना के खिलाफ लड़ते हुए उनकी उम्र सिर्फ 24 साल थी.

3. मीर जाफर के विश्वासघात के चलते 23 जून 1757 में उन्हें प्लासी के युद्ध में शिकस्त मिली.

4. रॉबर्ट क्लाइव के नेतृत्व में ब्रिटिश ने बंगाल का प्रशासन संभाला और अगले 100 साल तक राज किया.

5. 2 जुलाई को मीर जाफर के बेटे मीर मिरन के आदेश पर मोहम्मद अली बेग ने सिराजुद्दौला को मौत के घाट उतार दिया था.

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