अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस: चाय के बारे में ये बातें जानते हैं आप?

आज अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस है. अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस का मुख्य लक्ष्य चाय बागान से लेकर चाय की कंपनियों तक में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करना है. भारत में इसकी शुरुआत 2005 से की गई, लेकिन एक साल बाद यह श्रीलंका में मनाया गया और वहां विश्वभर में फैला.

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प्रतीकात्मक फोटो प्रतीकात्मक फोटो

मोहित पारीक

  • नई दिल्ली,
  • 15 दिसंबर 2017,
  • अपडेटेड 3:22 PM IST

आज अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस है. अंतर्राष्ट्रीय चाय दिवस का मुख्य लक्ष्य चाय बागान से लेकर चाय की कंपनियों तक में काम करने वाले श्रमिकों की स्थिति की ओर ध्यान आकर्षित करना है. भारत में इसकी शुरुआत 2005 से की गई, लेकिन एक साल बाद यह श्रीलंका में मनाया गया और वहां विश्वभर में फैला.

आइए जानते हैं चाय से जुड़ी अहम बातें...

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वीकिपीडिया के अनुसार सबसे पहले साल 1815 में कुछ अंग्रेज यात्रियों का ध्यान असम में उगने वाली चाय की झाड़ियों पर गया जिससे स्थानीय कबाइली लोग एक पेय बनाकर पीते थे.

- भारत के गवर्नर जनरल लॉर्ड बैंटिक ने चाय की परंपरा भारत में शुरू करने और उसका उत्पादन करने की संभावना तलाश करने के लिए एक समिति का गठन किया. इसके बाद 1815 में असम में चाय के बाग लगाए गए.

- कई जगह चीन से भी चाय का इतिहास जोड़ा गया है.

- बता दें कि भारत में सर्वप्रथम चाय का बहुतायत प्रचलन ब्रिटिश शासनकाल में इन्हीं ब्रिटिशों द्वारा ही हुआ था.

- भारत में एक टी बोर्ड इंडिया भी है. टी बोर्ड भारत की उत्पत्ति 1903 में तब हुई जब भारतीय उपकर विधेयक पारित किया गया था. विधेयक ने चाय निर्यात पर उपकर लगाया इसका प्रयोग भारत में तथा भारत के बाहर भारतीय चाय के संवर्धन के लिए किया गया.

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