FINAL YEAR EXAM: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद शिक्षामंत्री ने कहा, 'शिक्षा को राजनीति से दूर रखें'

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को कहा है कि राज्य और विश्वविद्यालय 30 सितंबर तक अंतिम वर्ष की परीक्षाएं आयोजित किये बगैर छात्रों को पास नहीं कर सकते. वहीं परीक्षाओं के आयोजन को लेकर बहस ने एक राजनीतिक मोड़ ले लिया है. इस पर शिक्षामंत्री निशंक ने कहा, "शिक्षा को राजनीति से दूर रखना चाहिए".

Advertisement
शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 29 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 5:20 PM IST

कोरोना वायरस महासंकट के बीच सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विश्वविद्यालयों में फाइनल ईयर की परीक्षाओं को हरी झंडी दे दी है. हालांकि छात्र SC के इस फैसले से खुश नहीं है. वह यूनियन ग्रांट्स कमीशन (UGC) से मांग कर रहे हैं कि कोरोना संकट में परीक्षा का आयोजन न करें और परीक्षा रद्द कर दी जाए.

वहीं जैसे JEE-NEET परीक्षा को लेकर कई राजनीति पार्टी विरोध कर रही हैं, उन्हें देखते हुए शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा है, विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए फाइनल ईयर की परीक्षा आयोजित करने पर सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है. ऐसे में राजनीति को शिक्षा से दूर रहना चाहिए.

Advertisement

आपको बता दें, कोरोना वायरस महामारी के बीच कॉलेज के छात्रों के लिए फाइनल ईयर की परीक्षाओं के आयोजन को लेकर बहस ने एक राजनीतिक मोड़ ले लिया है. क्योंकि कई राज्य सरकारें इस बात से सहमत नहीं हैं कि परीक्षा का आयोजन होना चाहिए.

शिक्षा मंत्री निशंक ने सुप्रीम कोर्ट फैसले की सराहना करते हुए कहा, “मैं  फाइनल ईयर की परीक्षा के संबंध में सुप्रीम कोर्ट द्वारा लिए गए निर्णय का दिल से स्वागत करता हूं. आइए राजनीति को शिक्षा से दूर रखें और हमारी राजनीति को शिक्षित करें. ”

कोर्ट ने कहा कि फाइनल ईयर एग्जाम की परीक्षा होगी, 30 सितंबर तक परीक्षा कराने के UGC के सर्कुलर को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया. कोर्ट ने ये भी कहा कि राज्य सरकारें कोरोना संकट काल में अपने से एग्जाम नहीं कराने का फैसला नहीं कर सकतीं. राज्य सरकारें UGC की अनुमति के बिना छात्र को प्रमोट नहीं कर सकतीं. बता दें कि कई राज्य अपने फाइनल इयर छात्रों को प्रमोट करने की बात कह रहे थे, कोर्ट में इसका मामला भी आया था.आपको बता दें, कई राजनीतिक दल इस फैसले के समर्थन में नहीं हैं और इसके खिलाफ बोल रहे हैं.

Advertisement

परीक्षा को लेकर क्या है UGC का कहना

UGC ने परीक्षाओं को शिक्षा प्रणाली का अभिन्न अंग बताया है, उन्होंने कहा कि जो छात्र विदेशी यूनिवर्सिटी और उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश चाहते हैं, उनके लिए परीक्षा आवश्यक है यदि परीक्षा का आयोजन नहीं होती है डिग्रियां अमान्य होगी.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement