इस साल 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस के मौके पर भारत की स्वदेशी 105mm लाइट फील्ड गन (LFG) पहली बार 21 तोपों की सलामी फायर करेगी. यह परंपरा राष्ट्रीय महत्व के सबसे पवित्र अवसरों पर दिया जाने वाला सबसे बड़ा सैन्य सम्मान है. ये स्वदेशी तोपें ऑपरेशन सिंदूर में अपनी ताकत साबित कर चुकी हैं, जहां उन्होंने पाकिस्तान स्थित आतंकी कैंपों के खिलाफ कारगर भूमिका निभाई.
ऑपरेशन सिंदूर मई 2025 में हुआ था, जब पहलगाम (जम्मू-कश्मीर) में 22 अप्रैल को हुए पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में भारत ने पाकिस्तान और PoK में आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए. यह चार दिनों का संक्षिप्त संघर्ष था, जिसमें भारतीय सेना की तोपखाने और अन्य हथियारों ने शानदार प्रदर्शन किया. इस ऑपरेशन की सफलता के बाद अब गणतंत्र दिवस पर ये तोपें देश की आत्मनिर्भरता और सैन्य शक्ति का प्रतीक बनकर सामने आएंगी.
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105mm लाइट फील्ड गन की खासियतें
21-गन सलामी का आयोजन कैसे होगा?
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यह साल का गणतंत्र दिवस इसलिए खास है क्योंकि यह ऑपरेशन सिंदूर की सफलता के बाद पहला बड़ा राष्ट्रीय उत्सव है. परेड में भी स्वदेशी हथियार जैसे ब्रह्मोस मिसाइल, आकाश एयर डिफेंस सिस्टम, ATAGS तोप और अर्जुन टैंक दिखाए जाएंगे. सेना के नए 'भैरव' कमांडो और अन्य यूनिट्स भी हिस्सा लेंगी.
प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि यह परेड आधुनिक युद्ध की कहानी बयान करेगी. स्वदेशी 105mm LFG की यह सलामी न सिर्फ सेना की ताकत दिखाएगी, बल्कि देश की आत्मनिर्भरता और सीमाओं की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता भी जाहिर करेगी.
शिवानी शर्मा