देश आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस पूरे गौरव और उत्साह के साथ मना रहा है. नई दिल्ली के कर्तव्य पथ पर होने वाले भव्य समारोह की अगुवाई राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू करेंगी. इस ऐतिहासिक मौके पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे. इस साल का समारोह इसलिए भी खास होगा क्योंकि इसमें 'वंदे मातरम' के 150 वर्ष, भारत की अभूतपूर्व विकास यात्रा, समृद्ध सांस्कृतिक विविधता, जन भागीदारी की झलक और मजबूत सैन्य क्षमता एक साथ देखने को मिलेगी.
भारतीय सेना का शक्ति प्रदर्शन
पहली बार परेड में भारतीय सेना का फेज़्ड बैटल ऐरे फ़ॉर्मैट (phased Battle Array Format) दिखाया जाएगा. रिकी (टोही) एलिमेंट में 61 कैवेलरी के जवान पूरी तरह एक्टिव कॉम्बैट यूनिफॉर्म में नजर आएंगे. इसके बाद हाई मोबिलिटी रिकॉनैसेंस व्हीकल दिखाया जाएगा, जो भारत का पहला स्वदेशी आर्मर्ड लाइट स्पेशलिस्ट व्हीकल है. हवाई समर्थन के लिए स्वदेशी DHRUV एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर और उसका हथियारों से लैस संस्करण RUDRA प्रहार फ़ॉर्मैशन में उड़ान भरते दिखेंगे. इसके जरिए युद्ध क्षेत्र को तैयार करने और दुश्मन पर बढ़त बनाने की क्षमता का प्रदर्शन किया जाएगा.
इसके बाद टी-90 भीष्म और मेन बैटल टैंक अर्जुन सलामी मंच के सामने से गुजरेंगे. इस दौरान ऊपर से अपाचे एएच-64ई और प्रचंड लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर हवाई समर्थन देंगे. बीएमपी-2 इन्फैंट्री कॉम्बैट व्हीकल और उसके साथ नाग मिसाइल सिस्टम (ट्रैक्ड) मार्क-2 शामिल होंगे. इसके बाद स्पेशल फ़ोर्सेज़ का एक दस्ता आएगा. इसमें अजयकेतु ऑल-टेरेन व्हीकल, रणध्वज रग्ड टेरेन टैक्टिकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम और ध्वंसक लाइट स्ट्राइक व्हीकल दिखाए जाएंगे. इनके बाद रोबोटिक डॉग्स, अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स और चार ऑटोनॉमस अनमैन्ड ग्राउंड व्हीकल्स नजर आएंगे. ये चार सिस्टम निग्रहा, भैरव, भूविरक्षा और कृष्णा हैं, जिन्हें वाहनों पर लगाया गया होगा.
नजर आएंगे नई पीढ़ी के अनमैन्ड वॉरहेड सिस्टम
कॉम्बैट सपोर्ट एलिमेंट में भारत की नई पीढ़ी के अनमैन्ड वॉरहेड सिस्टम दिखाए जाएंगे. शक्तिबाण और दिव्यास्त्र खास हाई मोबिलिटी व्हीकल (HMV 6x6) पर लगाए गए होंगे. आधुनिक और खास तकनीकों से लैस ये सिस्टम स्वॉर्म ड्रोन, टेथर्ड ड्रोन सिस्टम और स्वदेशी टैक्टिकल हाइब्रिड यूएवी ज़ोल्ट के ज़रिए उन्नत निगरानी क्षमता दिखाएंगे. ज़ोल्ट यूएवी का इस्तेमाल तोपखाने की फायर डायरेक्शन यानी गोलाबारी की दिशा तय करने में किया जाएगा.
इनकी टारगेट पहचान और हमला करने की क्षमता को कई तरह के एरियल लॉइटरिंग म्यूनिशन और मज़बूती देते हैं. इनमें हारोप, मिनी हार्पी, पीसकीपर, एटीएस (एक्सटेंडेड रेंज), एटीएस (मीडियम रेंज) और स्काई स्ट्राइकर शामिल हैं. ये सिस्टम युद्ध क्षेत्र की गहराई तक सटीक हमला करने में सक्षम हैं. ये सभी सिस्टम स्वॉर्म ड्रोन, एक हज़ार किलोमीटर से ज़्यादा रेंज वाले लॉन्ग रेंज ड्रोन और लॉइटरिंग म्यूनिशन लॉन्च कर सकते हैं, जिससे अहम ठिकानों पर बेहद सटीक हमला संभव हो पाता है.
एयर डिफेंस की दो मजबूत रीढ़- आकाश और ABHRA
इसके बाद धनुष गन सिस्टम और अमोघ एडवांस्ड टोएड आर्टिलरी गन सिस्टम (एटीएजीएस) परेड में शामिल होंगे. ये दोनों सिस्टम आत्मनिर्भर भारत और रक्षा निर्माण में तकनीकी आत्मनिर्भरता की भावना को दिखाते हैं. लंबी दूरी से सटीक मार और जबरदस्त फायरपावर का प्रदर्शन सुपरसोनिक ब्रह्मोस वेपन सिस्टम और स्वदेशी सूर्यास्त्र यूनिवर्सल रॉकेट लॉन्चर सिस्टम के ज़रिए किया जाएगा. ये दोनों मिलकर डीप स्ट्राइक क्षमता यानी दुश्मन के अंदरूनी इलाकों तक मार करने की ताकत दिखाएंगे.
भारत की एयर डिफेंस की दो मज़बूत रीढ़ माने जाने वाले आकाश वेपन सिस्टम और ABHRA मीडियम रेंज सरफेस-टू-एयर मिसाइल (एमआरएसएएम) सिस्टम भी सलामी मंच के सामने से गुजरेंगे. इसके बाद ड्रोन शक्ति लॉरी आएगी, जिसे कोर ऑफ़ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड मैकेनिकल इंजीनियर्स ने विकसित किया है. इसका मकसद आगे के इलाकों में भारतीय सेना की ऑपरेशनल क्षमता को और मज़बूत करना है.
ऑपरेशन सिंदूर की झलक
कांच से घिरा इंटीग्रेटेड ऑपरेशनल सेंटर भी कर्तव्य पथ से गुजरेगा, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर को संक्षेप में दिखाया जाएगा. इस ऑपरेशन में ‘विरासत, विविधता और विकास’ का शानदार मेल ही सफलता की सबसे बड़ी वजह रहा. जहां ब्रह्मोस मिसाइल ने दुश्मन पर करारे वार किए, वहीं आकाश मिसाइल सिस्टम और एस-400 ने मज़बूत सुरक्षा कवच दिया.
इसके बाद भारतीय रक्षा बलों के हिम योद्धा नजर आएंगे. इसमें एनिमल कंटिन्जेंट शामिल होगा, जहां बहादुर सैनिकों के साथ बैक्ट्रियन ऊंट, ज़ांस्कर पोनी, ब्लैक काइट्स और भारत की नस्ल के कुत्ते दिखेंगे. इनमें मुधोल हाउंड, रामपुर हाउंड, चिप्पिपराई, कोम्बाई और राजापालयम शामिल हैं. इन कुत्तों को बुलेट-रेज़िस्टेंट जैकेट, कैमरा, जीपीएस, रेडियो और उन्नत निगरानी सिस्टम से लैस किया गया होगा. एक ग्लेशियर एटीवी, जो वाहन पर लगाया गया है, वह भी हिम योद्धा दस्ते का हिस्सा होगा.
कर्तव्य पथ पर मार्च करते हुए आगे चलेंगे- मिक्स्ड स्काउट्स कंटिन्जेंट, राजपूत रेजिमेंट, असम रेजिमेंट, जम्मू एंड कश्मीर लाइट इन्फैंट्री, रेजिमेंट ऑफ़ आर्टिलरी, 4 भैरव बटालियन- सिख लाइट इन्फैंट्री रेजिमेंट, और अंत में कॉम्बाइन्ड मिलिट्री बैंड्स.
परेड का कार्यक्रम
गणतंत्र दिवस समारोह सुबह 10.30 बजे शुरू होगा और करीब 90 मिनट तक चलेगा. इसकी शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्रीय युद्ध स्मारक जाकर शहीदों को श्रद्धांजलि देने से होगी. इसके बाद प्रधानमंत्री और अन्य गणमान्य अतिथि कर्तव्य पथ पर सलामी मंच पर पहुंचेंगे और परेड देखेंगे.
शिवानी शर्मा