मुर्दाघर में वार्ड ब्वॉय ने बच्चे के शव के साथ मां-बाप को किया बंद

राजस्थान में बीते शनिवार को एक सरकारी अस्पताल का कर्मचारी बच्चे के शव के साथ उसके माता-पिता को भी मुर्दाघर में बंद करके सोने चला गया. इस घटना की शिकायत के बाद वार्ड ब्वॉय राम प्रसाद धोबी को सोमवार को निलम्बित करके उसे मौजूदा पद से हटाकर पदस्थापन का आदेश दे दिया गया है. इस मामले की जांच की जा रही है.

Advertisement
राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की घटना राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले की घटना

मुकेश कुमार

  • जयपुर,
  • 14 जून 2017,
  • अपडेटेड 12:27 PM IST

राजस्थान में बीते शनिवार को एक सरकारी अस्पताल का कर्मचारी बच्चे के शव के साथ उसके माता-पिता को भी मुर्दाघर में बंद करके सोने चला गया. इस घटना की शिकायत के बाद वार्ड ब्वॉय राम प्रसाद धोबी को सोमवार को निलम्बित करके उसे मौजूदा पद से हटाकर पदस्थापन का आदेश दे दिया गया है. इस मामले की जांच की जा रही है.

Advertisement

जानकरी के मुताबिक, यह मामला प्रतापगढ़ जिला मुख्यालय के सरकारी अस्पताल का है, जहां घायल अवस्था में अस्पताल में भर्ती हुए छोटू (10) की इलाज के दौरान मौत हो गई. इसके बाद में अस्पताल का वार्ड ब्वॉय बच्चे के शव के साथ मुर्दाघर में उसके माता-पिता रकमी और रमेश को भी बंद करके चला गया. दोनों ने शव के पास रहना चाहते थे.

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी राधेश्याम कच्छावा ने बताया कि वार्ड ब्वॉय राम प्रसाद धोबी को सोमवार को निलम्बित करके उसे मौजूदा पद से हटाकर पदस्थापन का आदेश दे दिया गया है. निलंबन के साथ ही राम को जयपुर स्थित मुख्यालय में उपस्थित होने के आदेश दिए गए हैं. मौत होने पर शव को मुर्दाघर में स्थानान्तरित किया गया था.

वार्ड ब्वॉय द्वारा बच्चे का शव मुर्दाघर में रखने के दौरान उसके माता-पिता रकमी और रमेश भी साथ थे. दोनों ने शव के पास ही रहने की जिद पकड़ ली. इसके बाद वार्ड ब्वॉय ने लापरवाही बरतते हुए बच्चे के मां-बाप को शव के पास ही छोड़कर बाहर से ताला लगाकर अस्पताल आ गया. सूचना मिलते ही मुर्दाघर का ताला खोलकर दंपति को बाहर निकाला गया.

Advertisement

बताया जा रहा है कि दंपति करीब साढ़े 3 घंटे तक मुर्दाघर में शव के साथ बंद रहे. सूचना मिलने पर पुलिस रविवार सुबह अस्पताल पहुंची. परिजनों ने पुलिस से शव का पोस्टमार्टम नहीं करवाने का अनुरोध किया, जिसे स्वीकार करके शव अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग मामले की जांच कर रहा है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement