लखनऊ सचिवालय का फर्जी पास इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने एक अनुभाग अधिकारी के खिलाफ मामला दर्ज किया है. प्रदेश सरकार में आवास विभाग में अनुभाग अधिकारी के रूप में काम करने वाले करण सिंह को सचिवालय का फर्जी पास इस्तेमाल करने के आरोप में निलंबित भी कर दिया गया है.
मुख्य सचिव (सचिवालय प्रशासन) महेश कुमार गुप्ता के मुताबिक सरकारी दस्तावेजों में हेराफेरी करने के आरोप में करण सिंह के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराया गया है. करण सिंह के खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में आईपीसी की धारा 420, 467,468, 469 और 471 के तहत केस दर्ज किया गया है.
करण सिंह पर आरोप है कि उन्होंने प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री के निजी सचिव गिरजेश कुमार श्रीवास्तव के नाम पर जारी सचिवालय पास की फर्जी कॉपी बनाकर इस्तेमाल की. इस मामले में करण सिंह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी की जाएगी.
जांच करने वाले अधिकारियों को शक है कि इस फर्जीवाड़े में कई और लोग भी शामिल हैं. आशंका यह भी है कि सरकारी अधिकारी करण सिंह के अलावा भी कई लोगों के पास इस तरह के फर्जी पास हो सकते हैं. इससे पहले भी सचिवालय की सुरक्षा में सेंध लगाने वाले ऐसे कई मामले सामने आए हैं.
कुछ दिन पहले हजरतगंज पुलिस ने एक मामले में सचिवालय कार पास की क्लोनिंग करने वाले एक शख्स को पकड़ा था जिसका नाम ललित शुक्ला था. जांच के बाद उसे जेल भी भेजा गया था.
हालांकि इस नए मामले में करण सिंह के खिलाफ सचिवालय प्रशासन कार्रवाई करने से टालमटोल करता रहा, लेकिन पहले के मामलों का हवाला देते हुए जब अधिकारियों ने दबाव बनाना शुरू किया तो यह एक्शन लेना पड़ा. केस दर्ज होने के बाद पुलिस अब जांच कर रही है.
हजरतगंज पुलिस इस मामले में पूछताछ के बाद कई लोगों के यहां छापेमारी करेगी. पुलिस ने आरोपी करण सिंह की गाड़ी को भी कस्टडी में ले लिया है और जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर कौन-कौन इस मामले में शामिल हैं.
शिवेंद्र श्रीवास्तव / सुरेंद्र कुमार वर्मा