मुखबिरी के शक में नक्सलियों ने की दो लोगों की हत्या, शव के पास पर्ची छोड़ी

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित राजनंदगांव में नक्सलियों ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. नक्सलियों को शक था कि वे दोनों पुलिस से उनकी मुखबिरी करते हैं. इस वारदात को अंजाम देने के बाद नक्सलियों ने वहां एक पर्ची छोड़ी, जिसमें लिखा कि मुखबिरी करने वालों का यही अंजाम होगा.

नक्सल प्रभावित राजनंदगांव में हत्या के बाद शव के पास छोड़ी पर्ची
मुकेश कुमार
  • रायपुर,
  • 09 मई 2018,
  • अपडेटेड 1:03 PM IST

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित राजनंदगांव में नक्सलियों ने दो लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी. नक्सलियों को शक था कि वे दोनों पुलिस से उनकी मुखबिरी करते हैं. इस वारदात को अंजाम देने के बाद नक्सलियों ने वहां एक पर्ची छोड़ी, जिसमें लिखा कि मुखबिरी करने वालों का यही अंजाम होगा.

दूसरी तरफ कोंडागांव में पुलिस ने एक इनामी नक्सली को गिरफ्तार कर लिया. ​अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश्वर नाग ने बताया कि बयानार थाना क्षेत्र के अंतर्गत मड़ानार और पेरमापाल गांव के मध्य पहाड़ी के पास पुलिस ने आमदई एलओएस के सदस्य मोहन कश्यप उर्फ सनत (20) को गिरफ्तार कर लिया है.

इस नक्सली पर तीन लाख रुपये का इनाम घोषित था. बयानार थाने से मुंगवाल, केजंग और मड़ानार क्षेत्र में गश्त के लिए जिला बल, डीआरजी, छत्तीसगढ़ सशस्त्र बल के संयुक्त दल को रवाना किया गया था. दल जब सुबह मड़ानार और पेरमापाल के मध्य डोकरी ढोडगी पहाड़ी के करीब था तब नक्सली वहां से भागने लगा.

इसके बाद पुलिस दल ने उसे घेराबंदी कर पकड़ लिया. पूछताछ के दौरान नक्सली ने बताया कि वह क्षेत्र में सड़क निर्माण कार्य में लगे वाहनों को नुकसान पहुंचाने और विस्फोट कर पुलिस दल पर हमला करने के लिए आया था. गिरफ्तार नक्सली से पुलिस ने सात किलोग्राम का टिफिन बम, 20 मीटर तार और नक्सली साहित्य बरामद किया है.

बताते चलें कि नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों की कड़ी कार्रवाई जारी है. सुरक्षा बलों ने 1.43 करोड़ रुपये नकद, 20 एकड़ जमीन, माओवादी नेताओं द्वारा अवैध तरीके से हासिल किए गए धन से बिहार और झारखंड में अपने नाम की गई कई इमारतों और कोलकाता में खरीदे गए दो मकानों को जब्त किया है.

ये जब्ती गैरकानूनी गतिविधियां अधिनियम के तहत की गई हैं. इससे पहले प्रवर्तन निदेशालय ने मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के बिहार और झारखंड के दो प्रमुख नेताओं की संपत्ति और नकदी जब्त की थी. इन्होंने इस पैसे को अपने करीबी रिश्तेदारों की उच्च शिक्षा पर खर्च किया था. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया है.

उन्होंने बताया कि पिछले दिनों बिहार और झारखंड के नक्सल नेताओं के पास से करीब 1.43 करोड़ रुपये, 20 एकड़ जमीन, कई इमारतें, गाड़ियों, एसयूवी, खुदाई करने वाली मशीनों, बस और ट्रैक्टर को अपने कब्जे में लिया गया. सुरक्षा बलों ने बिहार के एक नक्सली नेता द्वारा कोलकाता में खरीदे गए दो मकानों को भी जब्त कर लिया.

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