पंजाब के पठानकोट में हुए आतंकी हमले के बीच गुरदासपुर में सेना की वर्दी में दो संदिग्ध देखे गए हैं. उनको सेना के टिबरी कैंप के पास देखा गया है. दोनों संदिग्धों की तलाशी अभियान में पुलिस जुट गई है. टिबरी कैंप की चारों तरफ से घेराबंदी कर दी गई है.
वहीं, आतंकियों द्वारा अगवा किए गए गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह शक के घेरे में हैं. एनआईए की टीम मंगलवार से ही उनसे पूछताछ कर ही है. किडनैपिंग के बाद एसपी, उनके दोस्त और कुक के विरोधाभासी बयानों को शक की असली वजह बताई जा रही हैं.
एनआईए की टीम बुधवार को एसपी को लेकर उस मजार पर गई, जहां हमले से पहले वे अपने साथियों के साथ जाने का दावा कर रहे थे. एसपी सलविंदर सिंह ने बताया था कि वह खुद पीड़ित है, संदिग्ध नहीं. वह किसी तरह से बच कर मौत के मुंह से वापस आए हैं.
पंजाब के डीजीपी सुरेश अरोड़ा ने बताया था कि 2 जनवरी को तड़के 3:23 पर उन्हें हमले की जानकारी मिली थी. गुरदासपुर के एसपी सलविंदर सिंह से मिली जानकारी के आधार पर सभी अफसर पुलिस बल सहित घटनास्थल पर तुरंत रवाना हो गए थे.
उन्होंने कहा था कि शायद ये पहला मौका है जब ऑपरेशन शुरू होने से पहले ही एनएसजी की टीम घटनास्थल पर पहुंच गई थी. शनिवार सुबह 7 बजे पंजाब के एडीजी लॉ एंड ऑर्डर भी पठानकोट पहुंच चुके थे. एनआईए इस हमले की जांच कर रही है.
बताते चलें कि पंजाब पुलिस को इस बात की खुफिया सूचना पहले ही मिल गई थी कि नए साल पर आतंकी किसी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते हैं. पुलिस द्वारा जारी अलर्ट में बताया गया था कि 15 आतंकी भारत में घुस चुके हैं.
मुकेश कुमार