उज्जैन के किसान को पीट-पीट कर मार डालने के आरोप में 3 गिरफ्तार

पुलिस ने 40 अन्य के खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया है. सभी आरोपियों की पहचान मौके पर मौजूद भीड़ की ओर से बनाए गए वीडियो से हुई है.

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आरोपियों पर केस दर्ज आरोपियों पर केस दर्ज

हेमेंद्र शर्मा

  • भोपाल,
  • 06 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 3:13 PM IST

  • एडवांस लेकर खेत में काम नहीं करने पहुंचे लोग
  • पैसे वापस मांगे तो गांव में बुलाकर कर दिया हमला

धार जिला प्रशासन ने एक शख्स को पीट पीट कर मार डालने और पांच अन्य को घायल करने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है. बुधवार को हुई इस घटना के सिलसिले में तिरला पुलिस स्टेशन के तहत खडकिया गांव से जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया, उनकी पहचान रमेश, सस्तिया और गलिया के तौर पर हुई है.

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पुलिस ने 40 अन्य के खिलाफ हत्या और हत्या की कोशिश का केस दर्ज किया है. इन सब की पहचान मौके पर मौजूद भीड़ की ओर से बनाए गए वीडियो से हुई है.

पुलिस के मुताबिक छह महीने पहले - गणेश, रवि, राधेश्याम, नरेंद्र और जगदीश ने पांच लोगों को सेलरी एडवांस के तौर पर पांच लोगों को 50-50 हजार रुपए दिए. जिन लोगों को रुपए दिए गए उनके नाम अवतार, जाम सिंह, महेश, राजेश और सुनील हैं. पैसे लेने वालों पांचों लोगों ने वादा किया था कि वो खेत पर काम करेंगे. लेकिन परिवार में शादी पर छुट्टी लेने के बाद वो काम पर नहीं लौटे.

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सूत्रों के मुताबिक जब पैसे देने वालों ने इऩसे संपर्क किया तो उन्होंने कहा कि वो उज्जैन में खेत पर काम पर नहीं लौट सकेंगे. इस पर दूसरे पक्ष ने एडवांस में ली गई रकम वापस देने के लिए कहा. पैसे लेने वालों ने फिर उनसे कहा कि बुधवार को धार जिले के खड़किया गांव में आकर अपने पैसे वापस ले जाएं. इस पर जब दूसरे पक्ष के लोग गांव में पहुंचे तो उन पर पत्थरों और लाठियों से हमला कर दिया गया.

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जब दूसरे पक्ष ने जान बचाकर भागना चाहा तो शोर मचा दिया गया कि वो बच्चे उठाने वाले गिरोह के सदस्य हैं और गांव के एक बच्चे को लुभा कर ले जाने की कोशिश कर रहे थे. इसके बाद गांव वाले वहां एकत्र हो गए. दूसरे पक्ष के लोगों को पत्थरों, लाठियों और छड़ों से मारा गया. इससे गणेश नाम के शख्स की मौत हो गई और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए. गांव से किसी ने तिरला पुलिस को इस घटना की जानकारी 100 नंबर पर दी. पुलिस को भीड़ को काबू करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े.

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मुख्यमंत्री कमलनाथ ने इस घटना की जांच के आदेश दिए हैं. वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कमलनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि कानून व्यवस्था चौपट है और ये सरकार सो रही है.

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