सीतापुर में कुत्तों का आतंक, HC ने योगी सरकार से किया जवाब-तलब

सीतापुर में आदमखोर कुत्तों ने आतंक मचा रखा है और पिछले साल नवंबर से अब तक करीब 12 बच्चों की जान ले ली है. योगी आदित्यनाथ के प्रधान सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि योगी आदित्यनाथ सीतापुर के खैराबाद ब्लॉक जाएंगे, जहां आदमखोर कुत्तों का सर्वाधिक आतंक है.

प्रतीकात्मक तस्वीर
आशुतोष कुमार मौर्य
  • सीतापुर,
  • 11 मई 2018,
  • अपडेटेड 11:11 AM IST

उत्तर प्रदेश के सीतापुर में आदमखोर कुत्तों के आतंक का मामला हाईकोर्ट जा पहुंचा है. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने इस मामले में एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए राज्य सरकार से जवाब तलब किया है. हाईकोर्ट मामले की अगली सुनवाई अब 4 जुलाई को करेगा. इस बीच CM योगी आदित्यनाथ भी मामले की गंभीरता को देखते हुए आज सीतापुर का दौरा करेंगे और स्थिति की समीक्षा करेंगे.

बता दें कि सीतापुर में आदमखोर कुत्तों ने आतंक मचा रखा है और पिछले साल नवंबर से अब तक करीब 12 बच्चों की जान ले ली है. योगी आदित्यनाथ के प्रधान सचिव अवनीश अवस्थी ने बताया कि योगी आदित्यनाथ सीतापुर के खैराबाद ब्लॉक जाएंगे, जहां आदमखोर कुत्तों का सर्वाधिक आतंक है. कुत्तों के भय के चलते लोगों ने अपने बच्चों को स्कूल भेजना बंद कर दिया है.

योगी आदित्यनाथ जिले के आला अधिकारियों के साथ बैठक कर इन आदमखोर हिंसक कुत्तों को पकड़ने के लिए अब तक किए गए कार्य का जायजा लेंगे. आदित्यनाथ ने पिछले सप्ताह सीतापुर के उच्च अधिकारियों, पुलिस और वन विभाग की स्पेशल टीम को सख्त निर्देश दिया था कि जिले में एक भी व्यक्ति कुत्ते के हमले का शिकार नहीं होना चाहिए.

हालांकि मुख्यमंत्री के सख्त निर्देश के बावजूद गुरुवार को ही खैराबाद थाना क्षेत्र के भगौतीपुर गांव में कुत्तों के हमले में 8 साल का एक बच्चा गंभीर रूप से घायल हो गया. वहीं बीते 24 घंटों के अंदर मासूम बच्चों पर कुत्तों द्वारा हमले की दो वारदातें हो चुकी हैं.

आदित्यनाथ ने अधिकारियों को सारे आवारा कुत्तों को पकड़ने का निर्देश भी दिया था, जिसके बाद अब तक 35 कुत्तों को पकड़ा जा चुका है. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद पुलिस और प्रशासन हरकत में आ चुका है. कुत्तों को गोली मारने के साथ ही पकड़कर उनकी नसबंदी की जा रही है. इसके बाद उन्हें जंगल में ले जाकर छोड़ दिया जा रहा है.

इतना ही नहीं पुलिस ड्रोन और नाइट विजन कैमरों से इलाके में नजर रख रही है. इसके साथ ही प्रशासन ने पशु पालन विभाग की मदद से कुत्तों के आदमखोर होने पर रिसर्च भी करा रहा है. क्योंकि ये हैरानी की बात है कि लोगों के बीच रहने वाले कुत्ते कैसे आदमखोर हो गए.

गांव वालों का मानना है कि अवैध बूचड़खाने बंद किए जाने के चलते हिंसक हो गए हैं और बच्चों पर हमले कर रहे हैं, क्योंकि उन्हें खाने के लिए मांस नहीं मिल पा रहा.

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