होली का त्यौहार बिल्कुल नजदीक है और राजधानी में छोटे-छोटे बच्चों ने राह चलते मुसाफिरों पर पानी भरे गुब्बारे फेंकने शुरू कर दिए हैं. लेकिन होली से ठीक पहले राजधानी में ऐसी घटना घटी है, जो बताती है कि कुछ लोग होली पर भी अपनी घृणित हरकतों से बाज नहीं आते. दिल्ली यूनिवर्सिटी की एक छात्रा ने अपने इंस्टाग्राम पर कुछ ऐसा ही अनुभव साझा किया है.
छात्रा के इंस्टाग्राम पोस्ट के मुताबिक, कुछ लोगों ने उस पर 'बुरा न मानो होली है' कहते हुए सीमन भरे गुब्बारे फेंके. पुलिस का कहना है कि उन्हें घटना के बारे में पता चला है और वे छात्रा से संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि इस संबंध में केस दर्ज किया जा सके.
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हालांकि पुलिस को अब तक इस संबंध में फॉर्मल कम्प्लेंट नहीं मिली है. छात्रा के फेसबुक अकाउंट में दी गई जानकारी के मुताबिक, वह नगालैंड के दीमापुर की रहने वाली है और लेडी श्रीराम कॉलेज से मनोविज्ञान की पढ़ाई कर रही है.
छात्रा ने 24 फरवरी को अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर पोस्ट में लिखा है कि मुझे अब तक नहीं पता था कि सीमन फ्लिंगिंग क्या होता है, आज पता चल गया. मेरी कुर्ती आपको पूरी कहानी बताएगी.
पीड़िता के मुताबिक, वह अपनी एक सहेली के साथ घटना वाले दिन अमर कॉलोनी मार्केट गई हुई थी. करीब शाम 5.0 बजे वे शॉपिंग कर रिक्शॉ से घर लौट रही थीं. तभी उन पर पीछे से किसी ने गुब्बारा फेंककर मारा. उनके शरीर से लगकर गुब्बारा फट गया और उसमें भरे तरल पदार्थ से उसके कपड़े भींग गए.
छात्रा ने पोस्ट में आगे लिखा है कि तरल पदार्थ जब सूख गया तो उसकी काली ड्रेस पर सफेद निशान रह गए. हालांकि छात्रा को अब तक समझ में नहीं आया कि गुब्बारे में वास्तव में क्या भरा हुआ था. जब वह हॉस्टल लौटी तो एक दूसरी लड़की ने भी उसे सीमन भरा गुब्बारा फेंके जाने की बात बताई. तब जाकर छात्रा को समझ में आया कि उस पर सीमन भरा गुब्बारा फेंका गया था.
छात्रा ने इंस्टाग्राम पर दो लंबे पोस्ट शेयर किए हैं और अपने इस कटु अनुभव को विस्तार से बयां किया है. सोशल मीडिया पर छात्रा को जबरदस्त सपोर्ट मिल रहा है और कई अन्य लड़कियों ने होली पर अपने साथ होने वाली इसी तरह की दूसरी घटनाओं का जिक्र किया है.
आशुतोष कुमार मौर्य