रेवाड़ी गैंग रेपः सस्पेंड सब-इंस्पेक्टर करेंगी FIR, कहा- मैं निर्दोष हूं

रेवाड़ी गैंग रेप में मामला दर्ज नहीं करने के आरोप में सब-इंस्पेक्टर हीरामनी को सस्पेंड कर दिया गया था. आरोप है कि हीरामनी ने रेप की शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था.

सब-इंस्पेक्टर हीरामनी
वरुण शैलेश
  • रेवाड़ी,
  • 18 सितंबर 2018,
  • अपडेटेड 11:37 PM IST

रेवाड़ी गैंग रेप मामले में सस्पेंड कनिना महिला पुलिस स्टेशन की सब-इंस्पेक्टर हीरामनी ने कहा है कि वह निर्दोष हैं. उन्होंने कहा कि वह अपनी बर्खास्तगी को लेकर हैरान हैं और इस मामले में एफआईआर दर्ज कराएंगी.

हीरामनी ने कहा, 'मुझे सस्पेंड करने से पहले अफसरों ने यह तक नहीं पूछा कि असल में क्या हुआ. यह हैरान करने वाला मामला है.' उन्होंने कहा कि रेवाड़ी के एसएचओ उस दिन पुलिस स्टेशन में ही बैठे हुए थे. मैंने वहां से 50 किलोमीटर दूर कोसली से फोन करके बोला कि केस दर्ज कर लीजिए, लेकिन इसमें देरी क्यों की गई?

बता दें कि मामला दर्ज नहीं करने के आरोप में सब-इंस्पेक्टर हीरामनी को सस्पेंड कर दिया गया था. आरोप है कि हीरामनी ने रेप की शिकायत दर्ज करने से इनकार कर दिया था.

बहरहाल, इस मामले में तीन प्रमुख आरोपियों में से दो अभी भी फरार हैं. इस बीच, हरियाणा की एक अदालत ने एक मुख्य आरोपी सहित गिरफ्तार तीन आरोपियों को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया है. दीनदयाल और संजीव कुमार के अलावा मुख्य आरोपियों में से एक नीशू को इससे पहले कनिना की अदालत में सोमवार को पेश किया गया. अब उन्हें 21 सितंबर को पेश किया जाएगा.

हरियाणा पुलिस के विशेष जांच दल (एसआईटी) ने रविवार शाम नीशू को गिरफ्तार करने की घोषणा की थी. एसआईटी प्रमुख नाजनीन भसीन ने कहा था कि दो अन्य आरोपियों सैनिक पंकज और मनीष को गिरफ्तार करने के लिए छापे मारे जा रहे हैं.

तीन प्रमुख आरोपियों ने 12 सितंबर को 19 वर्षीय लड़की के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था. दीनदयाल महेंद्रगढ़ जिले में ट्यूबवैल के उस कमरे का मालिक है, जहां यह अपराध हुआ. संजय कुमार एक निजी क्लीनिक चलाने वाला है जिसने पीड़िता का इलाज किया था. अपराध की जानकारी होने के बावजूद दोनों ने पुलिस को सूचित नहीं किया.

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