राजस्थान: एंटी करप्शन ब्यूरो की बड़ी कार्रवाई, 8 अधिकारी गिरफ्तार, 7 दलाल धरे गए

राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने परिवहन विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग के 8 अधिकारियों और 7 दलालों को पकड़ा है. देर रात रविवार से जारी अब तक की कार्रवाई में करीब डेढ़ करोड़ रुपए नगद पकड़े गए हैं.

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एंटी करप्शन ब्यूरो के छापे में बरामद रुपये (तस्वीर- आज तक) एंटी करप्शन ब्यूरो के छापे में बरामद रुपये (तस्वीर- आज तक)

शरत कुमार

  • जयपुर,
  • 17 फरवरी 2020,
  • अपडेटेड 3:30 PM IST

  • परिवहन विभाग में चल रहा था भ्रष्टाचार
  • रंगे हाथ घूस लेते ACB ने पकड़ा
  • बड़े स्तर पर जुड़े थे भ्रष्टाचार के तार
राजस्थान में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने परिवहन विभाग में फैले भ्रष्टाचार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए परिवहन विभाग के 8 अधिकारियों और 7 दलालों को पकड़ा है. देर रात रविवार से जारी अब तक की कार्रवाई में करीब डेढ़ करोड़ रुपए नगद पकड़े गए हैं. उधर इस मामले में परिवहन मंत्री ने एंटी करप्शन ब्यूरो पर सवाल उठाए हैं.

परिवहन विभाग में भ्रष्टाचार के पहले भी मामले सामने आए हैं. राजस्थान के एंटी करप्शन ब्यूरो ने पिछले 4 महीने से परिवहन विभाग के अधिकारियों के फोन सर्विलांस पर ले रखे थे, जिसमें पता चला था कि पूरा विभाग भ्रष्टाचार की बंधी पर चल रहा है. यह बंधी हर महीने की 16 तारीख को अधिकारियों में बांटी जाती थी. एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने देर रात इंस्पेक्टर उदयवीर को कथित दलाल मनीष  से 40 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया. दूसरे दलालों को देने जा रहे

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बाद में रात भर के कार्रवाई के दौरान दूसरे 8 अधिकारियों और 6 दलालों को भी पकड़ा गया है. एंटी करप्शन ब्यूरो के पुलिस महानिदेशक आलोक त्रिपाठी ने बताया कि देर रात से कार्रवाई अभी भी जारी है. छापे में अहम दस्तावेज मिले हैं जिसके आधार पर और लोग भी पकड़े जा सकते हैं.

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हर इंस्पेक्टर को मिला था टार्गेट

दरअसल यह पूरा खेल परिवहन विभाग में ओवरलोडिंग वाहन चलाने से लेकर सरकारी बसों की जगह निजी बस चलाने तक के खेल के लिए पैसे लेने का चल रहा था. पूछताछ से पता चला है कि हर इंस्पेक्टर को मासिक वसूली का टारगेट मिला हुआ था और यह बंधी परिवहन विभाग के दफ्तर से लेकर

इतनी बड़ी कार्रवाई के बाद परिवहन मंत्री कह रहे हैं कि केवल एक ही अधिकारी को रंगे हाथों पकड़ा गया है बाकियों को एंटी करप्शन विभाग ने घर में सोते हुए जगाया है और जो पैसे पकड़े हैं वह बिजनेसमैन के हैं. किसी भी निर्दोष अधिकारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा.

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निर्दोषों पर नहीं होनी चाहिए कार्रवाई

परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास का कहना है कि बहुत सारे लोग हमारे पास मिलने आए थे जिनका कहना था कि उनके घर वालों को एंटी करप्शन ब्यूरो के अधिकारियों ने . ऐसे निर्दोष लोगों पर कार्रवाई नहीं होनी चाहिए. इतने बड़े पैमाने पर परिवहन विभाग में फैले भ्रष्टाचार के सामने आने के बाद अब विपक्ष के साथ-साथ कांग्रेस के विधायक भी सरकार पर सवाल उठा रहे हैं. कांग्रेस विधायक राजेंद्र गुढ़ा ने कहा कि विभाग में भ्रष्टाचार पूरी तरह से फैला है.

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मंत्री ने जिस तरह से एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई पर सवाल उठाया है उसे देखते हुए कहा जा सकता है कि इस मामले में कांग्रेस की राजनीति गर्माएगी. जिन अधिकारियों ने यह कार्रवाई की है वह सीधे मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को रिपोर्ट करते हैं.

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