मथुरा: अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस पर फायरिंग, SP सिटी और SO की मौत, कई पुलिसवाले घायल

यूपी के मथुरा में सरकारी जमीन पर से अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस टीम पर फायरिंग के बाद हुए बवाल में SP सिटी और SO सहित कई लोगों के मारे जाने की खबर है. कई पुलिसवाले घायल भी हो गए.

अवैध कब्जा हटाने गई थी पुलिस
मुकेश कुमार
  • मथुरा,
  • 02 जून 2016,
  • अपडेटेड 9:21 AM IST

यूपी के मथुरा में सरकारी जमीन पर से अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस टीम पर फायरिंग के बाद हुए बवाल में SP सिटी मुकुल द्विवेदी और एक SO संतोष कुमार यादव सहित 14 लोगों के मारे जाने की खबर है. इसके साथ ही कई पुलिसकर्मी घायल भी हो गए.

SO के परिवार को मुआवजे की घोषणा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने इस घटना और पुलिसकर्मियों के शहीद होने पर दुख जताया है. मुख्यमंत्री के ट्विटर हैंडल पर संतोष कुमार के परिवार को 20 लाख रुपये की आर्थिक मदद की भी घोषणा की गई है.

जानकारी के मुताबिक, जिले के जवाहर बाग इलाके में सरकारी जमीन पर आजाद भारत विधिक वैचारिक सत्याग्रही नामक एक संगठन कब्जा जमाए हुए है. प्रशासन-पुलिस की टीम इस कब्जे को हटाने के लिए पहुंची थी. लेकिन अचानक टीम पर फायरिंग हो गई. इसमें SO फरह संतोष कुमार की मौत हो गई है.इस घटना में सिटी मजिस्ट्रेट राम अरज यादव सहित दर्जनों पुलिसकर्मी घायल हो गए हैं. हाई कोर्ट के आदेश पर प्रशासन पिछले दो महीने से इस जमीन को खाली कराने की तैयारियों में लगा हुआ था. जवाहर बाग उद्यान विभाग की संपत्ति है.यूपी के एडीजी कानून व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी ने बताया कि अवैध कब्जा हटाने गई पुलिस टीम पर अचानक पत्थर से हमला कर दिया गया. इसके बाद कुछ लोगों ने फायरिंग शुरू कर दी. उन्होंने कहा कि पुलिस की विफलता की जांच चल रही है. ऑपरेशन पूरा हो गया है. पार्क अब खाली. प्रदर्शनकारियों से भारी मात्रा में हथियार बरामद किए गए है.बताते चलें कि सत्याग्रही संगठन धरने के नाम पर जवाहर बाग की जमीन पर कब्जा जमाए हुए है. उनकी मांग है कि राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का चुनाव रद्द किया जाए. एक रुपये में 60 लीटर पेट्रोल और 40 लीटर डीजल बेंचा जाए. इन्हीं मांगों को लेकर ये संगठन 11 जनवरी 2014 से वहां धरना दे रहा है.

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