दाभोलकर केस: संजीव पुनालेकर और विक्रम भावे के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल

सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में आरोप लगाया कि एडवोकेट संजीव पुनालेकर ने शरद कालस्कर को दाभोलकर की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को नष्ट करने की सलाह दी थी.

नरेंद्र दाभोलकर (File Photo: IANS)
विद्या/मुनीष पांडे/दिव्येश सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 20 नवंबर 2019,
  • अपडेटेड 7:08 PM IST

  • सीबीआई का आरोप- दाभोलकर की हत्या की साजिश का हिस्सा थे पुनालेकर
  • पुनालेकर ने शूटर को हत्या में इस्तेमाल हथियार नष्ट करने की दी थी सलाह
केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने नरेंद्र दाभोलकर हत्या मामले में एडवोकेट संजीव पुनालेकर और विक्रम भावे के खिलाफ सप्लीमेंट्री चार्जशीट दायर कर दी है. इस सप्लीमेंट्री चार्जशीट को सीबीआई ने पुणे के सत्र न्यायालय में दाखिल की है. फिलहाल संजीव पुनालेकर जमानत पर बाहर हैं, जबकि विक्रम भावे जेल में बंद हैं.

संजीव पुनालेकर और विक्रम भावे के खिलाफ दाभोलकर हत्या मामले के सबूत नष्ट करने के आरोप में केस दर्ज किया गया है. इन्हें हत्या में इस्तेमाल हथियार को नष्ट करने को कहा गया था. सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में कहा कि संजीव पुनालेकर दाभोलकर हत्याकांड की पूरी साजिश का हिस्सा थे.

सीबीआई ने आरोप लगाया कि संजीव पुनालेकर ने शरद कालस्कर को दाभोलकर की हत्या में इस्तेमाल किए गए हथियार को नष्ट करने की सलाह दी थी. दाभोलकर की हत्या करने वाले दो शूटरों में शरद कालस्कर भी शामिल था. सीबीआई ने अपनी चार्जशीट में दावा किया कि शरद कालस्कर ने अपने एडवोकेट संजीव पुनालेकर की सलाह मानी थी और चार पिस्टलों को ठाणे के एक नाले में फेंक दिया था.

एक पिस्टल का इस्तेमाल पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या में इस्तेमाल किया गया था. पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या का आरोप भी शरद कालस्कर पर है.

पुनालेकर सनातन संस्था के सबसे मजबूत चेहरों में से एक रहे हैं और संगठन का बचाव करने के लिए टीवी डिबेट में दिखाई देते रहे हैं. सनातन संस्था के सदस्य विक्रम भावे पर इससे पहले 2008 में ठाणे ब्लास्ट मामले में चार्जशीट दायर की गई थी. वहीं, सीबीआई ने विक्रम भावे पर शूटरों की मदद करने और उस जगह का मुआयना करने का आरोप लगाया है, जहां दाभोलकर को गोली मारी गई थी.

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