कमलनाथ सरकार में अपराधियों के हौसले बुलंद, रीवा में युवक की गोली मारकर हत्या

मध्य प्रदेश में सरकार भले ही बदल गई है, लेकिन अपराध पर अब तक कोई रोक नहीं लगी है. कमलनाथ सरकार अपराध पर लगाम लगाने में अब तक असफल ही रही है. हाल ही में इंदौर में कुछ दिन पहले हुए अक्षत अपहरण मामले को सुलझे अभी 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि सतना जिले के चित्रकूट में 2 बच्चों का बंदूक की नोक पर उनकी स्कूल बस से ही अपहरण हो गया.

कमलनाथ( फोटो-PTI)
रवीश पाल सिंह
  • भोपाल,
  • 13 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 10:52 PM IST

मध्य प्रदेश में सरकार भले ही बदल गई है, लेकिन अपराध पर अब तक कोई रोक नहीं लगी है. कमलनाथ सरकार अपराध पर लगाम लगाने में अब तक असफल ही रही है. हाल ही में इंदौर में कुछ दिन पहले हुए अक्षत अपहरण मामले को सुलझे अभी 24 घंटे भी नहीं हुए थे कि सतना जिले के चित्रकूट में 2 बच्चों का बंदूक की नोक पर उनकी स्कूल बस से ही अपहरण हो गया. वहीं इस अपहरण की घटना के तुरंत बाद रीवा जिले के मनगवां में युवक की गोली मारकर हत्या कर दी गई.

बीते एक हफ्ते के आंकड़ों पर नजर डालें तो साफ हो जाएगा कि प्रदेश में अपराधियों के हौसले कितने बुलंद हैं.

- 10 फरवरी को इंदौर के व्यवसायी के बेटे का उसके घर के पास से ही अपहरण हो गया था, हालांकि पुलिस ने इस मामले में तेज़ी से कार्रवाई करते हुए दो दिन पहले ना केवल किडनैपर्स को पकड़ा बल्कि बच्चे को भी सकुशल छुड़ा लिया गया.

- 12 फरवरी को ही सतना के चित्रकूट से 2 बच्चों को उनकी स्कूल बस से ही किडनैप कर लिया गया जिनका अबतक कोई सुराग नहीं लगा है.

- 12 फरवरी को ही रीवा के मनगवां में बाइक सवार शख्स की बीच सड़क गोली मारकर हत्या कर दी गई.

बीजेपी ने कमलनाथ सरकार को निशाने पर लिया

एक के बाद एक हो रहे अपहरण और हत्या के मामलों के बाद कमलनाथ सरकार एक बार फिर बीजेपी के निशाने पर आ गई है. पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जहां सरकार के काम करने के तरीके पर सवाल खड़े किए हैं तो वहीं नेता प्रतिपक्ष ने इसे दिग्विजय युग की वापसी बताया है. हालांकि सरकार कह रही है कि कानून व्यवस्था को लेकर सीएम गंभीर हैं.

पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने जहां इसके लिए लगातार हो रहे तबादलों को जिम्मेदार बताया है तो वहीं नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने इसे दिग्विजय सिंह युग की वापसी बताया है.

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि बच्चों के अपहरण की घटना बड़ी दुखद है. जब मैं मुख्यमंत्री बना था उसके पहले कई डकैत थे. मध्य प्रदेश में हमने उनका सफाया किया था या गिरफ्तार किया गया था. एक बार फिर से प्रदेश में डकैत के गिरोह पनप रहे हैं. अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं. दिन दहाड़े कट्टा दिखा कर मासूम बच्चों का अपहरण किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि मैं मुख्यमंत्री कमलनाथ से आग्रह करता हुं सिर्फ तबादलों के फेर में न रहें. 800 से ज्यादा तबादले हो चुके हैं. तबादलों के खेल को छोड़कर अब मुख्यमंत्री कानून व्यवस्था संभालें. ये जनता की सुरक्षा की बात है.

वहीं, विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष गोपाल भार्गव ने कहा कि बच्चे और उनके अभिभावक भयभीत है. माता-पिता सोच रहे हैं कि बच्चों को स्कूल भेजे या ना भेजें. ऐसी स्थिति मध्य प्रदेश में कभी नहीं हुई क्योंकि मध्य प्रदेश में जब तक हमारी सरकार थी तब तक शांति का टापू कहलाता था. मध्य प्रदेश और सारे दस्युओं को समाप्त कर दिया गया था और सिमी के जाल को भी हमने खत्म कर दिया था. लेकिन एक महीने में जो घटनाएं हुई हैं मुझे लग रहा है कि कांग्रेस का जो पुराना कार्यकाल था दिग्विजय सिंह वाला वो ही लौट आया है.

बता दें कि बीते महीने हुई सभी हत्याओं के बाद भी कमलनाथ सरकार पर राजनीतिक हत्याओं का आरोप लगा था. हालांकि उन मामलों में सभी आरोपी बीजेपी या संघ से जुड़े लोग ही निकले थे. लेकिन अब मामला बच्चों के अपहरण जैसे गंभीर अपराध का है जिसपर सरकार का भी जवाब सामने आया है.  सूबे के कैबिनेट मंत्री सचिन यादव ने कहा है कि मुख्यमंत्री लॉ एंड ऑर्डर को लेकर बेहद गंभीर हैं और इसके मेंटेन करने के लिए हमको जो भी कदम उठाने होंगे वो हम उठाएंगे.

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