दिल्ली पुलिस की मानें तो सौरभ के पिता के दिल्ली में कई इलेक्ट्रॉनिक्स के शोरूम हैं और शनिवार रात तकरीबन 9.30 बजे के आस पास सौरभ अपने पश्चिम विहार के शोरूम से घर जाने के लिए अपनी हौंडा सिटी कार से निकला था. जैसे ही वो पुष्प विहार इलाके में पहुंचा तभी बाइक सवार दो लोगों ने सौरभ की कार को ओवरटेक कर रोक लिया और हथियारों की नोंक पर सौरभ का अपहरण कर, उसे दिल्ली के निलोठी इलाके में एक घर में ले गए. सौरभ के घरवालों से उसे छोड़ने के एवज में 5 करोड़ की फिरौती की मांग की.
घर वालों की मानें तो शनिवार रात तकरीबन 10.30 बजे उन्हें अपहरणकर्ताओं ने फोन कर 5 करोड़ को फिरौती की मांग की. साथ ही को खबर ना करने की धमकी भी दी.
अपहरणकर्ता सतनाम और मनीष को व्यवसाय में बहुत घाटा हो रहा था. उसी की भरपाई के लिए उन्होंने सौरभ के रची. इसके लिए उन दोनों ने सौरभ की हर हरकत पर नजर रखी और शनिवार को मौका पाकर उसका अपहरण कर लिया. साथ ही पुलिस इन तक न पहुंच पाए, इसके लिए इन दोनों ने फुलप्रूफ प्लान भी बनाया था. लेकिन इससे पहले कि बदमाश अपने मंसूबों में कामयाब हो पाते दिल्ली पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया.
सतनाम और मनीष की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली पुलिस ने चैन की सांस ली है. फिलहाल दिल्ली पुलिस अब ये जानने में जुटी है कि अपहरण के इस मामले में क्या इन दोनों के अलावा कोई और भी शामिल है.
वंदना भारती / तनसीम हैदर / चिराग गोठी / पुनीत शर्मा