सीजे हाउस मामला: इकबाल मिर्ची की पत्नी और बेटों को ED का समन

ईडी ने यह समन सीजे हाउस मामले को लेकर भेजा है. इस इमारत का निर्माण पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल की कंपनी ने किया था. इकबाल मिर्ची की साल 2013 में मौत हो गई थी.

प्रतीकात्मक तस्वीर
दिव्येश सिंह
  • मुंबई,
  • 14 अक्टूबर 2019,
  • अपडेटेड 11:05 PM IST

  • हाजरा मेमन के अलावा मिर्ची के दो बेटे-आसिफ और जुनैद को समन
  • सीजे हाउस मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल की कंपनी का भी नाम

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के करीबी सहयोगी रहे इकबाल मिर्ची की पत्नी हाजरा मेमन और उसके दोनों बेटों को समन भेजा है. ईडी ने समन सीजे हाउस मामले को लेकर भेजा है. इस इमारत का निर्माण पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रफुल्ल पटेल की कंपनी ने किया था.

इकबाल मिर्ची की साल 2013 में मौत हो गई थी. ईडी ने हाजरा मेमन के अलावा मिर्ची के दो बेटे-आसिफ और जुनैद को समन भेजा है. इकबाल मिर्ची दाऊद इब्राहिम का सहयोगी था. प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी के पास ऐसी जानकारी है जिसमें साल 2007 में इकबाल मिर्ची और प्रफुल्ल पटेल के बीच सीजे हाउस प्रॉपर्टी के संबंध में कॉन्ट्रैक्ट की बात सामने आई है.

ईडी ने की कार्रवाई

इससे पहले शुक्रवार को ईडी ने देश भर में अपराधियों की ओर से जुटाई गई संपत्तियों (चल और अचल) के खिलाफ कार्रवाई की. इसके तहत ईडी ने दिवंगत इकबाल मिर्ची के दो सहयोगियों को गिरफ्तार किया. ये दोनों भगोड़े अंडरवर्ल्ड सरगना दाऊद इब्राहिम के करीबी हैं और 200 करोड़ रुपये के भूमि सौदे में दोनों ने प्रमुख भूमिका निभाई है.

दोनों अपराधियों की पहचान मुंबई निवासी हारून यूसुफ और रंजीत सिंह बिंद्रा के रूप में हुई है. सूत्रों ने कहा कि बिंद्रा ने जहां भूमि सौदे में बिचौलिए का काम किया, वहीं यूसुफ ने पैसा ट्रांसफर किया. मेमन इकबाल उर्फ इकबाल मिर्ची दर्जनों मामलों में वांछित था, जिसमें हत्या, हत्या का प्रयास, उगाही, ड्रग तस्करी शामिल हैं.

हालांकि वह 1993 मुंबई सीरियल बम विस्फोट में आरोपी नहीं था. इंटरपोल की ओर से 1994 में रेड कार्नर नोटिस जारी हुआ था. बम विस्फोट के बाद वह दुबई शिफ्ट हो गया और उसके बाद उसने लंदन को अपना अड्डा बना लिया. साल 2013 में उसका निधन हो गया.(आईएएनएस से इनपुट)

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