DCW ने 16 साल की गर्भवती लड़की को बचाया, सीएम पटनायक से की कार्रवाई की मांग

दिल्ली महिला आयोग ने एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में 16 साल की गर्भवती लड़की को राजस्थान के झुंझुनू से बचाया है. लड़की का ओडिशा के राउरकेला से 2017 में अपहरण कर लिया गया था. लड़की ने बताया कि उसका अपहरण करके बेच दिया गया था. उसकी जबर्दस्ती शादी करवाई गई और एक 40 साल के आदमी ने 1 साल तक लगातार उसके साथ बलात्कार किया.

दिल्ली महिला आयोग(फाइल फोटो)
रामकिंकर सिंह
  • नई दिल्ली,
  • 07 फरवरी 2019,
  • अपडेटेड 9:10 PM IST

दिल्ली महिला आयोग ने एक बड़े रेस्क्यू ऑपरेशन में 16 साल की गर्भवती लड़की को राजस्थान के झुंझुनू से बचाया है. लड़की का ओडिशा के राउरकेला से 2017 में अपहरण कर लिया गया था. लड़की ने बताया कि उसका अपहरण करके बेच दिया गया था. उसकी जबर्दस्ती शादी करवाई गई और एक 40 साल के आदमी ने 1 साल तक लगातार उसके साथ बलात्कार किया.वहीं दिल्ली महिला आयोग ने ओडिशा के मुख्यमंत्री नवीन पटनायक को पत्र लिखा है. उनसे इस पूरे मामले में कार्रवाई करने की अपील की गई है.

इससे पहले लड़की के पिता ने दिल्ली महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाई कि उनकी नाबालिग बेटी का दिसंबर 2017 में राउरकेला से अपहरण कर लिया गया था.  उन्होंने बताया कि तुरंत एफआईआर दर्ज होने के बाद भी पुलिस उनकी बेटी को नहीं ढूंढ पाई. अपहरण के लगभग 10 दिन के बाद उनको पता चला कि उनकी बेटी की शादी जबर्दस्ती एक 40 साल के आदमी से कर दी गई और उसको राजस्थान भेज दिया गया. उनको यह भी पता चला कि उनकी बेटी को 4 लाख रूपए में बेचा गया.

लगभग 2 सप्ताह के बाद उनकी बेटी को राजस्थान पुलिस राउरकेला वापस लेकर आई. लड़की के पिता यह देख कर दंग रह गए कि उनकी 14 साल की बेटी दुल्हन की तरह कपड़े पहने हुई थी और सिन्दूर लगाई हुई थी.

लड़की ने बताया कि एक दिन जब उसके पिता काम के लिए बाहर गए हुए थे, तब उनके दो रिश्तेदारों ने उसका अपहरण कर लिया और 4 लाख रुपये के बदले उसकी शादी जबर्दस्ती एक 40 साल के आदमी से करवा दी. राउरकेला में उसको बाल कल्याण समिति के समक्ष पेश किया गया जिन्होंने लड़की को उसके पिता के हवाले कर दिया. लेकिन पुलिस ने जबर्दस्ती लड़की को अभिरक्षा में ले लिया और उसको जबर्दस्ती वापस राजस्थान भेज दिया.

लड़की के पिता ने ओडिशा और राजस्थान के कई अधिकारियों को एक साल तक कई पत्र लिखे मगर कहीं से राहत नहीं मिली. पीड़ित पिता ने 24 जनवरी 2019 को दिल्ली महिला आयोग में शिकायत दर्ज करवाई. उनकी शिकायत को आयोग की सदस्या किरण नेगी की अध्यक्षता में आयोग के एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग सेल में भेजा गया.  

आयोग ने तुरंत एक टीम बनाई और उसे राजस्थान भेजा गया. टीम ने वहां से 16 साल की लड़की को रेस्क्यू करवाया, जो कि लगभग 9 माह की गर्भवती थी. दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा कि इस मामले में ओडिशा पुलिस की मिलीभगत बहुत ही शर्मनाक है. लड़की न तो दिल्ली की है और न ही घटना दिल्ली में हुई है, मगर लड़की के पिता की असहाय अवस्था को देखते हुए हमने मानवीय आधार पर मामले में हस्तक्षेप करने का फैसला किया. मैं यह समझने में असमर्थ हूं कि जब हमने लड़की को राजस्थान से रेस्क्यू करवा लिया, तब कैसे राजस्थान और ओडिशा की पुलिस ऐसा करने में असमर्थ रही. मैं ओडिशा के अधिकारियों से यह अपील करती हूं कि इस मामले में शामिल जिम्मेदार पुलिस अफसरों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए.

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