DCW ने एसडीएम को दिया नोटिस, पूछा- जीबी रोड के 'कोठे' कब तक होंगे बंद

आयोग ने एसडीएम दफ्तर को पुलिस और अन्य विभागों द्वारा कोठों को बंद करने के सुझाव और एसडीएम द्वारा उन सुझावों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है. आयोग ने बंद किए गए कोठे, उनको बंद करने की तारीख, अगर कोठे दोबारा खोले गए तो उनको खोलने की वजह, इत्यादि की जानकारी मांगी है.

स्वाति मालीवाल
पुनीत शर्मा
  • नई दिल्ली,
  • 13 जून 2019,
  • अपडेटेड 8:45 PM IST

दिल्ली महिला आयोग ने जीबी रोड पर चल रहे कोठों को बंद करने के लिए दिल्ली पुलिस और करोल बाग के एसडीएम को नोटिस भेजा है. आयोग ने नोटिस में सन् 2000 से अब तक कोठों को बंद करने के लिए दिल्ली पुलिस और एसडीएम द्वारा की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है. पिछले कुछ सालों में आयोग ने जीबी रोड पर छापा मारकर वहां से कई लड़कियों को छुड़ाया है. जीबी रोड पर खुलेआम गैरकानूनी गतिविधियां होने के बावजूद ये कोठे वहां चल रहे हैं. अनैतिक मानव तस्करी रोकथाम कानून के अनुसार, जिस स्थान पर वेश्यावृति हो रही है, उस स्थान को बंद करने का आदेश देने का अधिकार मजिस्ट्रेट के पास होता है.

आयोग ने एसडीएम से जानकारी मांगी है कि 2000 से अब तक एसडीएम ने इस कानून के अनुसार कितने कोठे बंद करने के आदेश दिए हैं. आयोग ने पूछा है कि पुलिस ने कितने मामलों में जीबी रोड के कोठों को बंद करने के लिए एसडीएम को लिखा है और कितने मामलों में पुलिस के सुझाव पर क्या कार्रवाई की गई. आयोग ने पूछा है कि कैसे सबके सामने गैरकानूनी गतिविधियां होने के बावजूद जीबी रोड पर ये कोठे अभी तक चल रहे हैं और इन कोठों को बंद करने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं. साथ ही आयोग ने एसडीएम से पूछा है कि ये कोठे कब तक बंद किए जाएंगे.

आयोग ने एसडीएम दफ्तर को पुलिस और अन्य विभागों द्वारा कोठों को बंद करने के सुझाव और एसडीएम द्वारा उन सुझावों पर की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी है. आयोग ने बंद किए गए कोठे, उनको बंद करने की तारीख, अगर कोठे दोबारा खोले गए तो उनको खोलने की वजह, इत्यादि की जानकारी मांगी है. साथ ही आयोग ने सुझावों पर अमल न होने की स्थिति में अमल न करने के कारणों की जानकारी मांगी है. कोर्ट द्वारा किसी भी कोठे को बंद करने या दोबारा खोलने के आदेशों की प्रति भी आयोग ने एसडीएम दफ्तर से मांगी है. इसके अलावा आयोग ने पूछा है कि कोठों को बंद करने के बाद वहां पर रहने वाली महिलाओं और लड़कियों के पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाए गए.

आयोग ने पुलिस से भी इस बारे में जानकारी मांगी है. आयोग ने पुलिस से सन् 2000 से अब तक जीबी रोड से बचाई गई महिलाओं और लड़कियों खासकर नाबालिग लड़कियों की जानकारी मांगी है. आयोग ने इन मामलों में दर्ज हुई एफआईआर की जानकारी मांगी है. आयोग ने पूछा है कि इन मामलों में से कितने मामलों में पुलिस ने एसडीएम को कोठे बंद करने के लिए लिखा और उस पर क्या कार्रवाई हुई. साथ ही पुलिस द्वारा सुझाव न देने के कारणों की जानकारी मांगी है. आयोग ने पूछा है कि पुलिस ने जीबी रोड पर वेश्यावृति को रोकने के लिए क्या कदम उठाए हैं.   

दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, 'यह बहुत ही दुःख और शर्म की बात है कि देश की राजधानी में संसद के बिल्कुल पास में ही देह व्यापार का यह धंधा चल रहा है. जीबी रोड की अंधेरी कोठियों में रोजाना कई बच्चियों के साथ बलात्कार किया जाता है. इन कोठों के चलने में पुलिस और दुसरे विभागों की भूमिका काफी संदिग्ध है. सभी लोगों की आंखों के सामने यह गैरकानूनी काम होने के बावजूद ये कोठे चल रहे हैं, इनको बंद किया जाना बहुत जरूरी है. महिला आयोग तब तक शांत नहीं बैठेगा जब तक ये कोठे बंद नहीं होते और इनमें कैद महिलाओं का पुनर्वास नहीं होता.'

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