विदेश में नौकरी का झांसा देकर करते थे लाखों की ठगी, पुलिस ने दबोचा

डीसीपी के अनुसार नाइजीरियन युवक और उसकी फ्रेंड शीला नकली बैंक खातों और कई वेबसाइटों के डेटा का इस्तेमाल कर ये धंधा चला रहा थे.

Advertisement
झांसा देकर ठगी करने वाले बंटी-बबली गिरफ्तार झांसा देकर ठगी करने वाले बंटी-बबली गिरफ्तार

परमीता शर्मा / तनसीम हैदर

  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2018,
  • अपडेटेड 6:13 AM IST

दिल्ली के द्वारका साउथ थाने की पुलिस टीम ने विदेश में नौकरी का झासा देकर ठगी करने वाले बंटी-बबली को गिरफ्तार किया है. डीसीपी एंटो अल्फोंस ने बताया कि आरोपियों में एक नाइजीरियन युवक और एक भारतीय युवती शामिल है. ये दोनों आरोपी लोगों को विदेश में नौकरी का झासा देकर लाखों रुपये ठगने का काम किया करते थे.

पुलिस ने आरोपियों के पास से बैंक पासबुक, चेक बुक, क्रेडिट कार्ड, कई जाली आईडी, आधार कार्ड, कई मोबाइल फोन, पासपोर्ट, लेपटॉप और करीब 1 लाख रुपये नकद बरामद किया है. द्वारका थाने की स्पेशल टीम ने इन तक पहुंचने के लिए उनके बैंक खातों, सिम डिटेल, इंस्टाग्राम, फेसबुक को ट्रैक किया और हैदराबाद हवाई अड्डे पर पहुंचकर इन्हें गिरफ्तार किया.

Advertisement

डीसीपी के अनुसार नाइजीरियन युवक और उसकी फ्रेंड शीला नकली बैंक खातों और कई का इस्तेमाल कर ये धंधा चला रहा थे. वह उन लोगों की तलाश करते थे जो विदेश में नौकरी करना चाहते थे, इसके बाद वो उनको आकर्षक नौकरी का झासा देकर वीजा, किराया और वर्क परमिट का झासा देकर पैसे एठते थे. लोग अच्छी नौकरी पाने की चाह में लोग उनके बैंक अकाउंट में पैसे ट्रांसफर कर देते थे.

पुलिस के अनुसार द्वारका की रहने वाली एक युवती ने पुलिस में शिकायत दी थी कि उसके पास मलेशिया की एक कंपनी में लॉजिस्टक ऑपरेशन मैनेजर के तौर पर काम करने के लिए मेल आया. जिसके लिए उसने अपना रिज्यूम भेजा. उसके बाद उन लोगों ने उसे धीरे- धीरे करके उनके बैंक अकाउंट में तकरीबन 8 लाख रुपये जमा कराने को कहा. आरोपियों के कहे अनुसार युवती ने पैसे जमा करा दिए, लेकिन पैसे जमा कराने के बाद जॉब की कोई पुष्टि नहीं मिली.

Advertisement

कुछ समय बाद युवती को माधुरी नामक महिला का कॉल आया जिसने कहा कि वो वित्त मंत्रालय से बात कर रही है और कुछ दस्तावेजों को जारी करने के लिए 65 हजार रुपये देने होंगे. युवती ने वित्त मंत्रालय में जांच करवाई जिसके बाद पता चला कि कोई माधुरी नामक युवती उस मंत्रालय में काम नहीं करती. इसके बाद युवती का शक मजबूत हो गया.

युवती ने द्वारका साउथ थाने में करवाई. पुलिस टीम ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. एसीपी द्वारका राजेंद्र सिंह की देखरेख में एसएचओ अशोक कुमार की टीम ने एक- एक चीज की बारीकी से जांच की और आखिरकार फेसबुक लोकेशन से इन तक पहुंच गई . इसके बाद इन्हें ट्रांजिट रिमांड पर हैदराबाद से दिल्ली लाया गया है.

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement