दूध की बोतल में शराब देता था पिता, 3 दिन से भूखी बच्ची को DCW ने बचाया

दिल्ली महिला आयोग ने शुक्रवार को 181 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने के बाद दिल्ली के प्रेम नगर इलाके से एक तीन नाबालिग बच्चो को बचाया. बच्ची की मां मर चुकी है और उसका पिता शराबी है.

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लड़की की सांकेतिक तस्वीर लड़की की सांकेतिक तस्वीर

राम किंकर सिंह

  • नई दिल्ली,
  • 07 अप्रैल 2019,
  • अपडेटेड 8:31 AM IST

दिल्ली महिला आयोग ने शुक्रवार को 181 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने पर दिल्ली के प्रेम नगर से एक तीन साल की नाबालिग बच्ची को बचाया. एक आदमी ने आयोग की हेल्पलाइन पर सूचना दी थी कि बच्ची को तीन दिन से उसके पिता ने कुछ खिलाया नहीं है. दिल्ली महिला आयोग की 181 महिला हेल्पलाइन पर शिकायत मिलने पर तुरंत आयोग की एक टीम दिए गए पते पर पहुंची और पाया कि 3 साल की बच्ची मल-मूत्र में पड़ी हुई थी. वह बहुत ही दुर्बल थी और बहुत बीमार लग रही थी. उसके पूरे शरीर पर संक्रमण के निशान थे. आयोग की टीम ने पाया कि बच्ची का पिता उसी कमरे में सो रहा था. कमरे में कई सारी खाली शराब की बोतलें पड़ी हुई थीं.

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पिता देता था दूध की बोतल में शराब

पड़ोसियों ने बताया कि वह आदमी शराबी था और वह घंटों तक ऐसे ही सोता रहता था जबकि बच्ची भूख और गंदगी के कारण रोती रहती थी. पड़ोसियों ने आयोग की टीम को बताया कि बच्ची की मां एक साल पहले ही मर गई थी और उसका पिता जो रिक्शा चलाता है, ज्यादातर समय शराब के नशे में रहता है इसलिए वह बच्ची की देखभाल नहीं कर सकता. वह जब काम पर बाहर जाता था तो बच्ची को कमरे में अकेला छोड़ जाता था और पड़ोसियों को भी उसकी मदद नहीं करने देता. उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने उस आदमी को बच्ची को दूध की बोतल में शराब देते हुए भी देखा है. कोई यह नहीं जानता था कि वह बच्ची को किस समय और कैसे खाना खिलाता था.

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मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं

जब आयोग की टीम ने बच्ची के पिता को जबरदस्ती जगाया तो वह हिंसक हो गया और बच्ची को अस्पताल ले जाने में सहयोग देने से मना कर दिया. आयोग की टीम ने तब पुलिस को बुलाया और बच्ची और उसके पिता को एसएचओ प्रेम नगर के समक्ष पेश किया. हालांकि इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज नहीं हुई है. आयोग की टीम ने बच्ची को अस्पताल में भर्ती कराया, वहां डॉक्टरों ने बताया कि बच्ची के गुप्तांगों में गंदे डाइपर और कम साफ-सफाई की वजह से बहुत संक्रमण हो गया है. उसे तेज बुखार था और उसके शरीर पर चोट के निशान थे. बच्ची का अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हर समय देखभाल के लिए आयोग की काउंसलर तैनात है. उसको अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद शेल्टर होम में ले जाया जाएगा.

दिल्ली महिला आयोग की सदस्या किरण नेगी और वंदना सिंह जो कि आयोग की 181 हेल्पलाइन और मोबाइल हेल्पलाइन प्रोग्राम की इंचार्ज हैं, इस मामले को पुलिस उपायुक्त के सामने उठा रही हैं कि इस मामले में बच्ची के पिता के खिलाफ कोई एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई और वह अब तक गिरफ्तार क्यों नहीं हुआ.

पिता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग

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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्षा स्वाति मालीवाल ने कहा, ‘मैं उस आदमी की सराहना करती हूं जिसने दिल्ली महिला आयोग की 181 महिला हेल्पलाइन पर फोन किया और 3 साल की उस बच्ची को बचाने में हमारी मदद की, जो बहुत ही वेदना से गुजर रही थी. एक तो अपनी मां को खोना और दूसरा शराबी और उसकी परवाह न करने वाला पिता. यह चौकाने वाली बात है कि बच्ची को उसके पिता द्वारा शराब दी जा रही थी और उसके शरीर पर चोटों के निशान थे. शराबखोरी सबसे बुरी बीमारी है. पुलिस को बच्ची के पिता के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए.’

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