भोपाल: गैंगरेप पीड़िता की मांग- आरोपियों को चौराहे पर दी जाए फांसी

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गैंगरेप पीड़िता ने आरोपियों को चौराहे पर फांसी की सजा देने की मांग की है. उसका कहना है कि पुलिस का रवैया ठीक नहीं है. राजधानी के हबीबगंज क्षेत्र में पीड़िता एक नवंबर की रात को कोचिंग से लौट रही थी, तभी उसके साथ चार युवकों ने गैंगरेप किया. पीड़िता थाने गई, तो उसे दूसरे थाने भगाया गया. इससे वह काफी आहत है.

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गैंगरेप
मुकेश कुमार
  • भोपाल,
  • 05 नवंबर 2017,
  • अपडेटेड 7:08 PM IST

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गैंगरेप पीड़िता ने आरोपियों को चौराहे पर फांसी की सजा देने की मांग की है. उसका कहना है कि पुलिस का रवैया ठीक नहीं है. राजधानी के हबीबगंज क्षेत्र में पीड़िता एक नवंबर की रात को कोचिंग से लौट रही थी, तभी उसके साथ चार युवकों ने गैंगरेप किया. पीड़िता थाने गई, तो उसे दूसरे थाने भगाया गया. इससे वह काफी आहत है.

हादसे के बाद पहली बार सामने आई पीड़िता ने रविवार को कहा कि कोई भी अपराधी दोबारा ऐसा करने का साहस न करे, इसलिए कड़ी से कड़ी सजा दी जानी चाहिए, उन्हें मार देना चाहिए, चौराहे पर फांसी की सजा दी जानी चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों. उससे भी बुरा रवैया तो पुलिस का रहा जोकि उन्हें एक थाने से दूसरे थाने भटकाती रही.

पीड़िता ने कहा, 'मेरे माता-पिता पुलिस में हैं और हमें इस स्थिति से गुजरना पड़ा, तो आम आदमी किन स्थिति का सामना करता होगा, इसे समझा जा सकता है. मुझे अफसोस तो इस बात की है कि आरोपी को पुलिस ने पकड़ लिया लेकिन मेरी श्किायत दर्ज नहीं की. घटना के दूसरे दिन हम लोग सुबह आठ बजे थाने पहुंचे थे. सब इंस्पेक्टर ने मौके का मुआयना किया.

इसके बाद उन्होंने कहा कि यह इलाका उनके थाना क्षेत्र में नहीं आता है. मौके पर माता-पिता के साथ पहुंचे तो वहां एक युवक ताश के पत्ते खेल रहा था, उसे पकड़ा तो कुछ लोगों ने हमला कर दिया, बाद में उसे पकड़कर हम लोग पुलिस स्टेशन ले गए. हबीबगंज थाने की पुलिस और वहां के टीआई का रवैया सहयोगात्मक था. एमपी नगर और जीआरपी पुलिस का नहीं.

बताते चलें कि एक पुलिसकर्मी दंपति की बेटी के साथ एक नवंबर की रात को गैंगरेप हुआ था. इस मामले में तीन थाना प्रभारी एमपी नगर थाने के प्रभारी संजय सिंह बैस, हबीबगंज थाने के प्रभारी रविंद्र यादव, जीआरपी हबीबगंज के थाना प्रभारी मोहित सक्सेना, दो उप निरीक्षक (सब इंस्पेक्टर) टेकराम और उइके को निलंबित किया जा चुका है.

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