आसाराम पर फैसला: आज सुबह 8.30 बजे शुरू होगी सुनवाई, बेचैन है आसाराम

जोधपुर सेंट्रल जेल के DIG विक्रम सिंह ने बताया कि आज सुबह 8.30 बजे मामले की सुनवाई शुरू हो सकती है. आसाराम से जब आज मामले में फैसला सुनाए जाने पर बात की गई तो आसाराम ने कहा 'होईहैं वही जो राम रचि राखा'.

आसाराम (फोटो-http://www.ashram.org)
शरत कुमार/आशुतोष कुमार मौर्य
  • जोधपुर,
  • 24 अप्रैल 2018,
  • अपडेटेड 12:10 AM IST

नाबालिग दलित लड़की से रेप केस में आसाराम के खिलाफ आज फैसला आ जाएगा. जोधपुर SC/ST कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा आज सुबह 8.30 बजे जोधपुर सेंट्रल जेल में ही तैयार किए गए कोर्ट में अपना फैसला सुनाएंगे. आसाराम करीब 4 साल से इसी जेल में बंद है.

जोधपुर सेंट्रल जेल के DIG विक्रम सिंह ने बताया कि आज सुबह 8.30 बजे मामले की सुनवाई शुरू हो सकती है. लेकिन उससे पहले जज मधुसूदन शर्मा कोर्ट जाएंगे. ऐसे में देरी भी हो सकती है. कोर्ट ने 7 अप्रैल को इस मामले में सुनवाई पूरी कर ली थी और फैसला सुरक्षित रख लिया था.

जेल में बेचैनी से टहलता रहा आसाराम

डीआईजी विक्रम सिंह ने बताया कि आज सुनाए जाने वाले फैसले को लेकर आसाराम थोड़ा तनाव में जरूर दिखा. हालांकि उनका कहना है कि ऐसा हर कैदी के साथ होता है जब फैसला आना होता है. डीआईजी ने बताया कि आसाराम ने आज रात भरपेट खाना खाया और शाम में टहला भी.

'होइहैं वही जो राम रचि राखा'

DIG विक्रम सिंह ने बताया आसाराम से जब आज मामले में फैसला सुनाए जाने पर बात की गई तो आसाराम ने कहा 'होईहैं वही जो राम रचि राखा, जो भगवान तय करेगा वही होगा'. साथ ही जेल के डीआईजी ने कहा कि जेल में आसाराम धर्म की बातें करता रहता है और आदतन लोगों को उपदेश देता रहता है. उन्होंने कहा 'हमें भी कई बार कहता है कि महंगे जूते और महंगे सामान मत पहना करो. मितव्ययिता की बात करता है'.

सजा होने के बाद दी जाएगी कैदियों की वर्दी

आसाराम 4 साल से जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद जरूर है, लेकिन अभी वह अपने संन्यासी के भेष में ही रहता है. डीआईजी ने बताया कि आसाराम अगर दोषी साबित होता है तो उसे कैदियों की वर्दी दी जाएगी. थोड़ा बहुत अंतर तो होता ही है सजायाफ्ता और दोषी होने पर. कैदी के व्यवहार और हमारे रख-रखाव में भी यह अंतर होता है. डीआईजी ने कहा कि आसाराम बीमारियों से त्रस्त है और बुढापे में बीमारियां हो जाती हैं.

'आजतक' ने DIG विक्रम सिंह से पूछा कि क्या उनके ऊपर भी आसाराम के उपदेशों का प्रभाव है तो उन्होंने साफ इनकार कर दिया.

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