Murder Mystery: हॉस्टल के पीछे मिली MBBS छात्र की लाश, पिता ने दर्ज कराया हत्या का मामला

पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश एस ने बताया कि पीड़ित के पिता अजय प्रताप सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें शक है कि उनके बेटे की हत्या की गई है और बाद में उसकी लाश को छात्रावास के पीछे फेंक दिया गया.

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MBBS छात्र की लाश हॉस्टल के पीछे मिली (सांकेतिक चित्र- Meta AI) MBBS छात्र की लाश हॉस्टल के पीछे मिली (सांकेतिक चित्र- Meta AI)

aajtak.in

  • शाहजहांपुर,
  • 07 अक्टूबर 2024,
  • अपडेटेड 7:42 PM IST

उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिले में एक निजी मेडिकल कॉलेज के दूसरे वर्ष के एमबीबीएस छात्र की संदिग्ध मौत का मामला सामने आया है. मृतक छात्र के पिता ने इसे हत्या का मामला बताते हुए शिकायत दर्ज कराई है. वह छात्र संदिग्ध परिस्थितियों में मेडिकल कॉलेज परिसर में मृत पाया गया था. 

शाहजहांपुर के पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश एस ने सोमवार को इस मामले में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि वरुण अर्जुन मेडिकल कॉलेज के तीन मंजिला छात्रावास में कुशाग्र प्रताप सिंह (24) ग्राउंड फ्लोर पर रहता था. उसकी लाश रविवार को छात्रावास के पीछे मिली थी.

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पुलिस अधीक्षक (SP) राजेश एस ने बताया कि पीड़ित के पिता अजय प्रताप सिंह ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्हें शक है कि उनके बेटे की हत्या की गई है और बाद में उसकी लाश को छात्रावास के पीछे फेंक दिया गया.

एसपी राजेश एस ने एफआईआर का हवाला देते हुए आगे बताया कि कहा कि उनके बेटे के शरीर पर चोट के निशान थे और जब वे कॉलेज पहुंचे तो प्रशासन ने सहयोग नहीं किया. एसपी ने कहा कि उन्होंने आशंका जताई है कि उनके बेटे की हत्या की गई है और इसे आत्महत्या जैसा दिखाया गया है.

एसपी ने बताया कि उन्होंने यह भी आरोप लगाया है कि उनके बेटे ने अपने साथी छात्रों को पैसे उधार दिए थे. उन्होंने बताया कि फिलहाल इस मामले में सात छात्रों और कॉलेज के सुपरवाइजर से पूछताछ की जा रही है और आगे की जांच जारी है. 

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कॉलेज के प्रिंसिपल कर्नल (रिटायर्ड) डॉ. रवींद्र नाथ शुक्ला ने बताया कि सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और पीड़ित के परिजनों और पुलिस को सूचना दी. शुक्ला ने बताया कि बाद में पुलिस अधिकारियों ने खुद ही हमारे कॉलेज प्रशासन के अधिकारियों को मौके से हटा दिया गया है. कॉलेज प्रशासन की पीड़ित के साथ पूरी सहानुभूति है और वे चाहते हैं कि सच सामने आए, जिसके लिए वे पुलिस का सहयोग कर रहे हैं.

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