उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. हत्या के पीछे मोबाइल फोन का विवाद बताया जा रहा है. इस मामले में एक पुलिस सब इंस्पेक्टर की लापरवाही सामने आने पर उसे सस्पेंड कर दिया गया है. अब पुलिस इस पूरे मामले की छानबीन कर रही है.
बुलंदशहर में एक पुलिस उपाधीक्षक (DSP) ने इस वारदात के बारे में जानकारी देते हुए पीटीआई को बताया कि मोबाइल फोन को लेकर हुए झगड़े के बाद एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई. अनूपशहर के सर्किल ऑफिसर (CO) अनूप सिंह ने बताया कि 10 जुलाई को मोहित का मोबाइल फोन खुशहालगढ़ गांव में कहीं खो गया था.
इसके बाद मोहित अपना फोन तलाश करने लगा. कुछ लोगों ने उसे बताया कि उसका मोबाइल फोन प्रभात नामक युवक के पास है. इसलिए जब मोहित ने उससे इस बारे में पूछा तो प्रभात ने फोन वापस देने से इनकार कर दिया और दोनों के बीच झगड़ा हो गया.
पुलिस उपाधीक्षक अनूप सिंह ने आगे बताया कि जब मोहित पुलिस के पास पहुंचा तो प्रभात की मां नीरज देवी ने उसे फोन करके कहा कि वह उसका फोन उनके घर आकर ले जाए. मगर जब मोहित उनके घर पहुंचा तो प्रभात और उसके पिता मनोज उसके साथ झगड़ने लगे. उस वक्त मनोज शराब के नशे में था.
इसके बाद मामला पुलिस स्टेशन जा पहुंचा. जहां मौजूद अधिकारियों ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने की कोशिश की. मगर इसके बाद 13 जुलाई को नीरज देवी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) के कार्यालय जा पहुंची और वहां एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसके आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया.
पुलिस ने बताया कि नीरज देवी ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि मोहित ने उसके घर पर पड़े डंडे से उसके पति पर कई बार हमला किया था. इसके बाद अस्पताल में इलाज करा रहे मनोज की 14 जुलाई को मौत हो गई. उसके परिवार का आरोप है कि उस दिन हुई मारपीट के कारण उसकी मौत हुई है.
सीओ अनूप सिंह ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला है कि मनोज की मौत हृदय गति रुकने से हुई. इस मामले की जांच में सीओ ने पाया कि चौकी इंचार्ज ने वरिष्ठ अधिकारियों को घटना की जानकारी नहीं दी, जिसके बाद उसे निलंबित कर दिया गया है. अब इस मामले में आगे की जांच जारी है.
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