पंजाब (Punjab) के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी (Charanjeet singh Channi) ने 26 जनवरी 2021 लाल किला हिंसा (26 January Delhi violence) के 83 आरोपियों, जो पंजाब से जुड़े थे, उन्हें दो लाख रुपए देने का ऐलान किया है. उनकी इस घोषणा के बाद पंजाब की राजनीति गरमा गई है.
पंजाब बीजेपी के महासचिव सुभाष शर्मा ने चन्नी पर हमला बोला है, साथ पंजाब के सीएम चन्नी की इस घोषणा पर कई सवाल भी उठाए हैं. उन्होंने कहा, 'जिस लाल किला हिंसा की वजह से पूरा देश शर्मसार हो गया था, उस हिंसा के आरोपियों को ₹2 लाख की आर्थिक मदद करके पंजाब के सीएम चरणजीत सिंह चन्नी ने ये साबित कर दिया है कि ये हिंसा कांग्रेस द्वारा प्रायोजित थी. उन्होंने कहा इस हिंसा की साजिश में कांग्रेस के नेता भी शामिल थे.
सुभाष शर्मा यहीं नहीं रुके ने कहा कि पंजाब की जनता के टैक्स के पैसे को सीएम चरणजीत सिंह चन्नी देश विरोधी लोगों को राहत के तौर पर बांट रहे हैं. उन्होंने कहा पंजाब बीजेपी देश के गृह मंत्री से मांग करती है कि लालकिला हिंसा के मामले में कांग्रेस की संलिप्तता की गहन जांच NIA के द्वारा की जाए, साथ ही ये पता लगाया जाए कि क्या कांग्रेस इस तरह से आंदोलन के माध्यम से हिंसा भड़का कर पंजाब का माहौल बिगाड़ कर अपनी राजनीतिक रोटियां सेकने की कोशिश तो नहीं कर रही ?
इससे पहले चरणजीत सिंह चन्नी ने ट्वीट करते हुए कहा था कि कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे किसान आंदोलन को पंजाब सरकार का पूरा समर्थन है. 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली की वजह से दिल्ली पुलिस ने जिन सभी 83 लोगों गिरफ्तार था, उन सभी को दो-दो लाख रुपये मुआवजा दिया जाएगा.
29 नवम्बर को होगा फिर मार्च ?
दरअसल, 26 जनवरी 2021 को केंद्र सरकार द्वारा पारित 3 कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने ट्रैक्टर रैली निकाली थी, जिसमें भीड़ हिंसकर हो गई थी. इसके आद आक्रोशित होकर लाल किले तक पहुंच गए थे और उन्होंने एक धार्मिक झंडा भी लहरा दिया था. जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 200 से ज्यादा किसानों के ऊपर केस दर्ज किया था. वही किसान कृषि कानूनों के खिलाफ आंदोलन का एक साल पूरे होने के मौके पर 29 नवंबर से शुरू हो रहे शीतकालीन सत्र के दौरान ट्रैक्टर मार्च निकालेंगे. जिसमें सरकार को एक बार फिर से घेरने की तैयारी में किसान नजर आ रहे हैं.
सतेंदर चौहान