टीम पर हमलों के मद्देनजर कोलकाता पहुंचे ED के कार्यवाहक निदेशक, करेंगे जांच की समीक्षा

ईडी प्रमुख ने मंगलवार को एजेंसी के कोलकाता स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ घायल अधिकारियों से भी मुलाकात की. वे पश्चिम बंगाल में कथित सार्वजनिक वितरण और धान खरीद घोटाले की जांच की समीक्षा करेंगे.

Advertisement
बीती 5 जनवरी को ईडी की टीम पर पश्चिम बंगाल में हमला हुआ था बीती 5 जनवरी को ईडी की टीम पर पश्चिम बंगाल में हमला हुआ था

aajtak.in

  • कोलकाता,
  • 09 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 7:28 PM IST

ED Team Action: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के कार्यवाहक निदेशक राहुल नवीन आधी रात को कोलकाता पहुंचे. ईडी प्रमुख ने मंगलवार को एजेंसी के कोलकाता स्थित क्षेत्रीय कार्यालय के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ घायल अधिकारियों से भी मुलाकात की. वे पश्चिम बंगाल में कथित सार्वजनिक वितरण और धान खरीद घोटाले की जांच की समीक्षा करेंगे. उनकी टीमों पर हमलों की पृष्ठभूमि में स्थानीय ईडी प्रतिष्ठान की सुरक्षा पर भी चर्चा करेंगे.

Advertisement

पश्चिम बंगाल में ईडी के आधिकारिक सूत्रों ने पीटीआई को बताया कि ईडी प्रमुख यहां राजभवन में राज्यपाल सीवी आनंद बोस से भी मुलाकात कर सकते हैं. आपको बता दें कि 5 जनवरी को जब टीएमसी नेता शाजहान शेख के परिसर की तलाशी के लिए ईडी की टीम उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली पहुंची थी तो वहां उन पर हमला हुआ था. जिसमें ईडी के तीन अधिकारी घायल हो गए थे और उनके मोबाइल, लैपटॉप और वॉलेट लूट लिए गए थे. 

सासंद शेख फिलहाल फरार हैं और ईडी ने उनके खिलाफ एक लुक आउट सर्कुलर (एलसी) जारी किया है. ताकि वे देश से बाहर ना जा सकें. साथ ही सभी भूमि, वायु और समुद्री बंदरगाहों को सतर्क कर दिया गया है. उसी दिन उक्त जिले के बोनगांव में एक अन्य टीएमसी नेता शंकर आध्या की गिरफ्तारी के दौरान एजेंसी की दूसरी टीम पर भी हमला किया गया था और उनका वाहन क्षतिग्रस्त कर दिया गया था. 

Advertisement

इसके बाद ईडी ने एक बयान जारी करके दावा किया कि इस घोटाले की भयावहता विशाल थी और एक संदिग्ध द्वारा हस्तांतरित अपराध की राशि 9,000 से 10,000 करोड़ रुपये थी, जिसमें सीधे या बांग्लादेश के माध्यम से 2,000 करोड़ रुपये दुबई में स्थानांतरित किए जाने का शक है. ईडी ने इस मामले की जांच में पिछले साल पश्चिम बंगाल के मंत्री और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेता ज्योतिप्रिय मल्लिक और उनके सहयोगी बाकिबुर रहमान को भी गिरफ्तार किया था.

जबकि आद्या को पिछले हफ्ते गिरफ्तार किया गया था. मल्लिक, रहमान और एक कंपनी एनपीजी राइस मिल के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप पत्र एजेंसी ने पिछले साल दिसंबर में कोलकाता की एक अदालत में दायर किया था.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement