मैसुरु सिटी पुलिस डॉग स्क्वॉड के दस्ते में शामिल होगा बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल का कुत्ता, ये है खासियत

शहर में रहने वाले कुत्तों के ट्रेनर बीसी प्रमोद ने दो महीने के पप ‘योद्धा’ को मैसुरु सिटी पुलिस डॉग स्क्वॉड को दान दिया है. अब इसे स्क्वॉड के ट्रेनर मंजू की ओर से ट्रेंड किया जाएगा. पुलिस कमिश्नर डॉ चंद्रगुप्त ने सिटी आर्म्ड रिजर्व डीसीपी और ट्रेनर मंजू की मौजूदगी में योद्धा को सिटी पुलिस के रैंक में स्वीकार किया.  

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पहली बार मैसुरु पुलिस डॉग स्क्वॉड के साथ जुड़ेगा इस नस्ल का कुत्ता. (फोटो-आजतक) पहली बार मैसुरु पुलिस डॉग स्क्वॉड के साथ जुड़ेगा इस नस्ल का कुत्ता. (फोटो-आजतक)

नोलान पिंटो

  • बेंगलुरु ,
  • 10 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 7:46 PM IST
  • बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल का ‘योद्धा’ अभी पप है
  • सूंघने और हमले की क्षमता होती है बेहद शानदार
  • मैसुरु सिटी पुलिस डॉग स्क्वॉड को मिलेगा योद्धा का साथ

मैसुरु सिटी पुलिस डॉग स्क्वॉड को इंतजार है ‘योद्धा’ का अपने साथ जुड़ने का, जो कुछ ही महीनों में इसका हिस्सा होगा. बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल का ‘योद्धा’ अभी पप है. सूंघने और हमले की क्षमता में इस नस्ल के डॉग्स का कोई सानी नहीं. ये पहला मौका है जब मैसुरु पुलिस डॉग स्क्वॉड के साथ इस नस्ल का कुत्ता जुड़ने जा रहा है.  

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शहर में रहने वाले कुत्तों के ट्रेनर बीसी प्रमोद ने दो महीने के पप ‘योद्धा’ को मैसुरु सिटी पुलिस डॉग स्क्वॉड को दान दिया है. अब इसे स्क्वॉड के ट्रेनर मंजू की ओर से ट्रेंड किया जाएगा. पुलिस कमिश्नर डॉ. चंद्रगुप्त ने सिटी आर्म्ड रिजर्व डीसीपी और ट्रेनर मंजू की मौजूदगी में योद्धा को सिटी पुलिस के रैंक में स्वीकार किया.  

इस मौके पर प्रमोद ने कहा, “बेल्जियन मेलिनोइस नस्ल के कुत्ते बहुत तेज, मजबूत और वफादार होते हैं. उनका लंबा इतिहास है और विश्व युद्धों के दौरान इनका इस्तेमाल किया गया. पश्चिमी देशों की सेनाओं में भी इनकी सेवाएं ली जाती हैं. सूंघने, ट्रैकिंग, विस्फोटकों की पहचान, अपराध स्थलों के मुआयने में ये कुत्ते बहुत कारगर रहते हैं. ये बहुत अलर्ट होने की वजह से किसी भी चीज को बहुत जल्दी सीखते हैं.”  

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इसके अलावा वीवीआईपी सुरक्षा में गनमैन या बाउसंर्स की जगह भी इनका उपयोग किया जा सकता है. ये खतरा भांपने पर बहुत तेजी से हमला करते हैं. इनका इस्तेमाल नकदी और जेवरात के ट्रांसपोर्ट के वक्त भी सुरक्षा के लिए किया जा सकता है.  

इसी नस्ल के कुत्तों ने 2011 में ओसामा बिन लादेन के खिलाफ कार्रवाई में अहम भूमिका निभाई थी. आतंकी संगठन ISIS के सरगना अबू बकर अल बगदादी को 2019 में इदलीब, सीरिया की खतरनाक और अंधेरी सुरंग में घेर कर मारने की कार्रवाई में भी ‘बेल्जियन मेलिनोइस’ नस्ल का योगदान रहा. 

बेंगलुरु पुलिस डॉग स्क्वॉड के पास अभी तक इस नस्ल के दो कुत्ते हैं. मैसुरु पुलिस डॉग स्क्वॉड के साथ योद्धा पहला ऐसा कुत्ता जुड़ा है. इसके अलावा कर्नाटक में और किसी भी शहर की पुलिस के पास इस नस्ल के कुत्ते नहीं हैं.   

भारत में सबसे केंद्रीय रिजर्व पुलिस फोर्स (CRPF) ने इस नस्ल के कुत्तों का नक्सल विरोधी अभियान में इस्तेमाल किया था. इंडो तिब्बत बार्डर पुलिस (ITBP) और नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG) के पास भी इस नस्ल के कुत्ते हैं. NSG ने रिपब्लिक परेड के दौरान इन कुत्तों को दिखाया था. 

 

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