पुलिस एंड इंटेलिजेंस

बिजनौरः NSG में बेहतरीन कमांडो था पकड़ा गया बदमाश रंजीत उर्फ बिट्टू, नशे की लत ने बनाया अपराधी

संजीव शर्मा
  • बिजनौर,
  • 11 अगस्त 2021,
  • अपडेटेड 6:23 PM IST
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यूपी के बिजनौर जिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान पकड़ा गया बदमाश रंजीत उर्फ बिट्टू एनएसजी का बर्खास्त कमांडो ही नहीं, बल्कि कमांडो ट्रेनर भी रहा है. वो एक काबिल एनएसजी कमांडो था. उसकी परफोरमेंस एनएसजी में बहुत अच्छी थी. लेकिन नशे की लत और कारोबार ने उसे एक अपराधी बना दिया. एनएसजी ट्रेनिंग का ही कमाल था कि मुथूट गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में लूट की कोशिश के दौरान उसने दोनों हाथों में पिस्टल पकड़ी हुई थी. उसकी तस्वीरें सीसीटीवी में कैद हो गई थीं. जबकि आमतौर से कोई भी साधारण बदमाश कभी भी पिस्टल या रिवाल्वर दोनों हाथों से नहीं चलाते.

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मंगलवार को मुठभेड़ के बाद पकड़े गए रंजीत उर्फ बिट्टू और उसके साथी अमजद से पुलिस लगातार पूछताछ कर रही है. पूछताछ में पता चला कि रंजीत उर्फ बिट्टू पंजाब के पटियाला की प्रोफेसर कॉलोनी का रहने वाला है. वह 9 पैरा मिलिट्री में एनएसजी कमांडो रहा है. उसकी ट्रेनिंग हरियाणा के मानेसर में एनएसजी कमांडो ट्रेनिंग सेंटर में हुई है. वो अपने समय का बेहतरीन कमांडो रहा है. बाद में उसके अनुभव को देखते हुए उसे ट्रेनर बना दिया गया था. उसने कई एनएसजी कमांडो को ट्रेंड भी किया है.

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लेकिन अपनी नशे की लत के चलते यह धीरे-धीरे नशे के कारोबार से जुड़ गया. साल 2010 में अंबाला में मादक पदार्थों की तस्करी करते हुए रंजीत पकड़ा गया. 3 से 4 महीने जेल में रहने की वजह से उसे एनएसजी से बर्खास्त कर दिया गया. इसके बाद रंजीत उर्फ बिट्टू ने अपराध की दुनिया में कदम रखना शुरू कर दिया. बर्खास्तगी के बाद जब वो जेल से बाहर आया तो उसने अपना गैंग बना लिया. जिसमें उसने मुजफ्फरनगर के अमजद और शादाब, पंजाब मोहाली के हनीश ठाकुर और पुलिस में सिपाही रहे धर्मेंद्र दीवान को शामिल किया.
 

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रंजीत के गैंग ने राजस्थान, पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिम उत्तर प्रदेश सहित कई स्थानों पर लूट की बड़ी घटनाओं को अंजाम दिया. पश्चिम उत्तर प्रदेश में गैंग को मजबूत करने के लिए उसने मेरठ के एक बड़े बदमाश अजय हिटलर से हाथ मिलाया और लगातार लूट की घटनाओं को अंजाम दिया. एक मामले में रंजीत उर्फ बिट्टू को आजीवन कारावास की सजा भी सुनाई गई लेकिन वह फरार हो गया था. और तभी से फरार भी चल रहा था. 

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इस गैंग ने सबसे बड़ी लूट की घटना 14 जून 2021 को राजस्थान के चूरू में अंजाम दी थी. जहां मणिपुरम गोल्ड लोन के ऑफिस से इस गैंग ने 25 किलो सोना लूटा और फरार हो गए थे. लेकिन इनको मालूम नहीं था कि सोने के पैकेट में जीपीएस चिप लगी हुई थी. जिसके चलते पुलिस ने इस गैंग के हनीश ठाकुर और शादाब को लूटे गए सोने के साथ गिरफ्तार कर लिया था. जबकि मौका पाकर रंजीत और अमजद वहां से फरार हो गए थे. इससे पहले इसी गैंग ने 21 मार्च 2021 को अमृतसर के माल रोड पर सर्राफा व्यापारी एसके अरोड़ा के घर परिवार को बंधक बनाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था. वहां से ये गैंग करीब 700 ग्राम सोने के गहने लूट कर फरार हो गया था.
 

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इस बीच में रंजीत उर्फ बिट्टू अपने साथी अमजद के साथ मुजफ्फरनगर में रहता था और कभी हरिद्वार में. ये दोनों वहां रहकर भी पंजाब में घटनाओं को अंजाम देते थे और फिर वापस आ जाते थे. इसी दौरान 19 जुलाई को रंजीत ने बिजनौर की मुथूट गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में दिनदहाड़े दोनों हाथों में पिस्टल लेकर गोल्ड लूटने का प्रयास किया था. लेकिन मैनेजर की सतर्कता के चलते रंजीत सोना लूटने की घटना को अंजाम नहीं दे पाया था और फरार हो गया था. भागते फाइनेंस कंपनी के बाहर पॉपकॉर्न बेच रहे विक्रेता ने रंजीत को पकड़ लिया था लेकिन रंजीत के हवाई फायरिंग करने के बाद दहशत से पॉपकॉर्न विक्रेता की मौके पर ही मौत हो गई थी.

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तभी से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस इसके पीछे लगी थी. मंगलवार को भी रंजीत अपने साथी अमजद के साथ हरिद्वार से बिजनौर में अमृतसर से लूटे गए सोने के गहने बेचने के लिए आया था. लेकिन वह गहने नहीं बिक पाए और वापस जाते समय हरिद्वार रोड के बिजनोर मंडावर चौराहे पर जब उन्होंने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया, तो पुलिस ने उनका पीछा किया. वे गन्ने के खेत में छुप गए और पुलिस के पहुंचते ही उन्होंने फायरिंग कर दी. जिसमें इनकी एक गोली पुलिस के जवान बादल ढाका को लगी.

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पुलिस ने भी जवाबी फायरिंग की. जिसमें रंजीत बिट्टू और उसके साथी अमजद के पैर में गोली लगी. दोनों घायल हो गए. पुलिस ने इनके पास से अमृतसर से लूटे गए गहनों में से करीब 300 ग्राम सोने के गहने, दो पिस्टल और मुथूट गोल्ड लोन फाइनेंस कंपनी में लूट के दौरान रंजीत बिट्टू द्वारा पहने गए लोवर और टी-शर्ट भी बरामद कर लिए हैं. इनके खिलाफ करीब 30 मुकदमे विभिन्न प्रदेशों में दर्ज हैं. जिसमें से पश्चिमी उत्तर प्रदेश में अकेले 14 मुकदमे रंजीत उर्फ बिट्टू के खिलाफ दर्ज हैं. कई राज्यों की पुलिस को इनकी तलाश है.