Shivamogga Police Head Constable Suicide: कर्नाटक के शिवमोगा जिले से एक बेहद गंभीर और संवेदनशील मामला सामने आया है. जहां ट्रैफिक पुलिस स्टेशन के भीतर एक हेड कांस्टेबल ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली. यह घटना शिवमोग्गा के निजी बस स्टैंड के पास स्थित वेस्ट ट्रैफिक पुलिस स्टेशन की है. पुलिस विभाग में इस घटना के बाद हड़कंप मच गया और पूरे इलाके में सनसनी फैल गई. मामले की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर जा पहुंचे. यह घटना पुलिस महकमे के भीतर काम के दबाव और आपसी तनाव को लेकर कई सवाल खड़े कर रही है. फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है.
मृतक हेड कांस्टेबल की पहचान
पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान मोहम्मद ज़कारिया के रूप में हुई है, जिनकी उम्र करीब 55 वर्ष बताई जा रही है. वे शिवमोगा ट्रैफिक पुलिस में हेड कांस्टेबल के पद पर तैनात थे. ज़कारिया पिछले एक महीने से अवकाश पर थे और हाल ही में, महज दो दिन पहले ही उन्होंने दोबारा ड्यूटी जॉइन की थी. ड्यूटी पर लौटने के कुछ ही समय बाद इस तरह की घटना ने सभी को चौंका दिया है. सहकर्मियों के मुताबिक ज़कारिया लंबे समय से मानसिक तनाव में थे. हालांकि, आत्महत्या के पीछे की असली वजह जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी.
पुलिस स्टेशन के अंदर कैसे हुई घटना?
जानकारी के मुताबिक, मोहम्मद ज़कारिया ने ट्रैफिक पुलिस स्टेशन परिसर के भीतर ही यह आत्मघाती कदम उठाया. जब अन्य पुलिसकर्मियों को इसकी भनक लगी, तब तक बहुत देर हो चुकी थी. घटना की सूचना मिलते ही आसपास के पुलिस थानों को अलर्ट किया गया. पुलिस स्टेशन के अंदर हुई इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था और आंतरिक निगरानी पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं. फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया. पूरे मामले को बेहद गंभीरता से लिया जा रहा है.
सहकर्मी पर आरोप
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद किया गया है. इस नोट में मोहम्मद ज़कारिया ने अपने एक सहकर्मी नसीर अहमद पर प्रताड़ना और उकसावे का आरोप लगाया है. नोट में दावा किया गया है कि लगातार मानसिक दबाव और परेशान किए जाने के कारण उन्होंने यह कदम उठाया. सुसाइड नोट को सबूत के तौर पर जब्त कर लिया गया है. पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि आरोप कितने सही हैं और इसके पीछे की परिस्थितियां क्या थीं. सहकर्मी से भी पूछताछ की जा सकती है.
जांच में जुटी पुलिस
घटना की जानकारी मिलते ही शिवमोगा के पुलिस अधीक्षक निखिल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निष्पक्ष जांच के निर्देश दिए हैं. यह मामला डोड्डापेटे पुलिस स्टेशन क्षेत्राधिकार में आता है, जहां आगे की कानूनी प्रक्रिया चल रही है. पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं से जांच की जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर कार्रवाई होगी. फिलहाल पुलिस स्टेशन में शोक का माहौल है. इस घटना ने एक बार फिर पुलिस कर्मियों के मानसिक स्वास्थ्य पर ध्यान देने की जरूरत को उजागर किया है.
सगाय राज