दिल्ली की एक कोर्ट ने लाल किला ब्लास्ट मामले में जांच कर रही नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी को अहम राहत दी है. कोर्ट ने तीन डॉक्टरों और एक मौलवी सहित पांच आरोपियों की NIA हिरासत 16 जनवरी तक बढ़ाने की अनुमति दे दी है. NIA ने कोर्ट को बताया कि आरोपियों से पूछताछ के दौरान कई विरोधाभासी बयान सामने आए हैं.
प्रिंसिपल डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज अंजू बजाज चंदना ने डॉ. अदील राथर, डॉ. शाहीन सईद, डॉ. मुजम्मिल गनई, मौलवी इरफान अहमद वागे और जासिर बिलाल वानी की हिरासत बढ़ाने संबंधी जांच एजेंसी की अर्जी को मंजूर कर लिया. NIA ने कहा कि इन्हें सह-आरोपियों, संदिग्धों और गवाहों के सामने बैठाकर पूछताछ करना जरूरी है.
जांच एजेंसी के मुताबिक, आरोपियों को जम्मू-कश्मीर, उत्तर प्रदेश और दिल्ली-NCR समेत कई इलाकों से जुड़े कुछ अहम तथ्यों और परिस्थितियों की विशेष जानकारी थी. ये जानकारियां गवाहों के बयानों और जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस से निकाले गए डेटा के तकनीकी विश्लेषण के बाद सामने आई हैं.
NIA ने कहा कि पिछली हिरासत के दौरान कुछ कोड वर्ड और आपत्तिजनक सामग्री सामने आई है. इनका सही अर्थ और संदर्भ समझना अभी बाकी है. इसके लिए आरोपियों से और पूछताछ जरूरी है. NIA ने यह भी कहा कि इस हमले के पीछे की बड़ी साजिश का खुलासा करने और इससे जुड़े लोगों की पहचान के लिए हिरासत जरूरी है.
जांच एजेंसी ने इस मामले से जुड़े कम्युनिकेशन फ्लो को समझने की जरूरत पर भी जोर दिया. गौरतलब है कि 10 नवंबर को सुसाइड बॉम्बर उमर-उन-नबी विस्फोटकों से भरी कार लेकर लाल किले के बाहर पहुंचा और धमाका कर दिया. इस हमले में 15 लोगों की मौत हो गई थी. NIA अब तक 9 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है.
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