पुणे के कोंढवा क्षेत्र में एक शर्मनाक घटना सामने आई है, जहां 40 वर्षीय जगदीश मल्लिकार्जुन सुतार को अपनी नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है. यह घटना पिछले तीन महीनों से चल रही थी. आरोपी को उसके घर से हिरासत में लिया गया और बुधवार शाम को कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.
पीड़िता का खुलासा
वरिष्ठ पुलिस इंस्पेक्टर पाटणकर के अनुसार, पीड़िता ने अपने रिश्तेदारों को बताया कि उसके पिता पिछले तीन महीनों से उसके साथ गलत व्यवहार कर रहे थे. उसने बताया कि पिता उसके सीने और निजी अंगों को गलत तरीके से छूते थे. इस खुलासे के बाद रिश्तेदारों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया और आरोपी को सौंप दिया. पीड़िता की हिम्मत और रिश्तेदारों की त्वरित कार्रवाई ने इस मामले को उजागर करने में मदद की.
पुलिस ने की कार्रवाई
पुलिस ने जगदीश सुतार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNSS) की धारा 74, 75, 351(2), और 352 के साथ-साथ प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेंसेज (POCSO) एक्ट, 2012 की धारा 8, 9(L), और 12 के तहत मामला दर्ज किया है. पुलिस इस मामले की गहन जांच कर रही है ताकि पीड़िता को न्याय मिल सके. आरोपी से पूछताछ जारी है, और पुलिस अन्य संभावित सबूतों की तलाश में है.
पीड़िता की सहायता
पीड़िता के परिवार ने फैसला किया है कि उसे मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ से काउंसलिंग दी जाएगी. इस तरह की घटनाओं का पीड़ितों पर गहरा मानसिक प्रभाव पड़ता है, और काउंसलिंग से उसे इस सदमे से उबरने में मदद मिलेगी. स्थानीय समुदाय में इस घटना को लेकर गुस्सा और चिंता है, और लोग दोषी को कड़ी सजा देने की मांग कर रहे हैं.
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