मिजोरम के सैतुअल जिले में गुरुवार को सुरक्षा एजेंसियों ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की. असम राइफल्स ने एक गुप्त सूचना के आधार पर मणिपुर सीमा से सटे नगोपा गांव के चेक पोस्ट पर निगरानी कड़ी की. इसी दौरान एक संदिग्ध वाहन को रोका गया. पहले सब सामान्य लग रहा था, लेकिन जब जवानों ने कुछ गड़बड़ होने के शक में तलाशी ली तो मामला नशीले पदार्थों की तस्करी का निकला.
3.51 किलो मॉर्फीन बरामद
वाहन को रोकने के बाद असम राइफल्स के जवानों ने उसकी गहन तलाशी ली. तलाशी के दौरान जो सामने आया, उसने सभी को चौंका दिया. गाड़ी से 3.51 किलोग्राम मॉर्फीन बरामद की गई. बरामद ड्रग्स की कीमत अंतरराष्ट्रीय बाजार में करीब 3.5 करोड़ रुपये आंकी गई है. इतनी बड़ी मात्रा में मॉर्फीन की बरामदगी ने यह साफ कर दिया कि यह कोई छोटा-मोटा मामला नहीं था. सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, यह खेप आगे किसी बड़े नेटवर्क तक पहुंचाई जानी थी. लेकिन समय रहते इस साजिश को नाकाम कर दिया गया.
दो तस्कर गिरफ्तार
ड्रग्स की बरामदगी के साथ ही वाहन में सवार दो लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया गया. उनकी पहचान कासिम और मुकीम अली के रूप में हुई है. दोनों आरोपी कथित तौर पर इस मॉर्फीन को एक जगह से दूसरी जगह ले जा रहे थे. पूछताछ में कई अहम जानकारियां मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. शुरुआती जांच में यह सामने आया है कि दोनों संगठित तस्करी नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं. हालांकि, इस पूरे रैकेट की असली परतें अब आगे की जांच में खुलेंगी.
चौकसी से टूटा नेटवर्क
नगोपा गांव, जो मिजोरम और मणिपुर की सीमा के पास स्थित है, तस्करों के लिए अक्सर ट्रांजिट पॉइंट माना जाता रहा है. ऐसे इलाकों में चौकसी बेहद जरूरी होती है. असम राइफल्स की मुस्तैदी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सीमा पर निगरानी कितनी अहम है. अगर यह खेप अपने गंतव्य तक पहुंच जाती, तो इसका असर कई जिंदगियों पर पड़ सकता था. सुरक्षा बलों की त्वरित कार्रवाई ने न केवल ड्रग्स जब्त की, बल्कि एक संभावित नेटवर्क को भी झटका दिया.
पुलिस को सौंपे गए आरोपी
असम राइफल्स ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों, जब्त मॉर्फीन और वाहन को सैतुअल पुलिस स्टेशन के हवाले कर दिया है. अब आगे की कानूनी कार्रवाई पुलिस द्वारा की जाएगी. पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस मॉर्फीन की सप्लाई कहां से हुई और इसे कहां पहुंचाया जाना था. साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस तस्करी गिरोह में और कौन-कौन शामिल है. फिलहाल, इस कार्रवाई को मिजोरम में ड्रग्स के खिलाफ एक बड़ी सफलता के तौर पर देखा जा रहा है.
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