कर्नाटक के मंगलुरु में पुलिस ने दंडुपाल्या गैंग से जुड़े एक कुख्यात आरोपी को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है. आरोपी पर साल 1997 में हुए डबल मर्डर और लूटकांड में शामिल होने का आरोप है और वह पिछले करीब 29 सालों से फरार चल रहा था.
न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट के मुताबिक गिरफ्तार आरोपी की पहचान चिका हनुमा उर्फ चिका हनुमंथप्पा (55) के रूप में हुई है, जो बेंगलुरु ग्रामीण जिले के होस्कोटे तालुक स्थित दंडुपाल्या गांव का मूल निवासी है. पुलिस के अनुसार, आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान बदलकर आंध्र प्रदेश के अन्नामय्या जिले के मदनपल्ले इलाके में रह रहा था. मंगलुरु के उरवा थाना क्षेत्र की एक विशेष टीम ने उसे वहीं से गिरफ्तार किया.
पुलिस के मुताबिक, 11 अक्टूबर 1997 की रात दंडुपाल्या गैंग के सदस्यों ने उरवा क्षेत्र के मरिगुडी क्रॉस के पास एक घर में घुसकर 80 साल के लुईस डी’मेलो और 19 साल के रंजीत वेगास की बेरहमी से हत्या कर दी थी. हत्या के बाद आरोपी घर से सोने के गहने लूटकर फरार हो गए थे.
नाम बदलकर आंध्र प्रदेश में छिपा बैठा था आरोपी
इस मामले में पुलिस ने पहले ही चार्जशीट दाखिल कर दी थी और 2010 में बेंगलुरु की विशेष सत्र अदालत ने गैंग लीडर डोड्डा हनुमा समेत पांच आरोपियों को दोषी ठहराया था. हालांकि, चिका हनुमा (आरोपी नंबर-6) तब से फरार था और लगातार अपनी पहचान बदलता रहा.
पुलिस ने बताया कि 2010 में मंगलुरु की JMFC-II अदालत ने आरोपी के खिलाफ Long Pending Case (LPC) वारंट जारी किया था, लेकिन वह गिरफ्तारी से बचता रहा. हालिया इनपुट और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और उसे पकड़ने में सफलता पाई.
पुलिस का यह भी कहना है कि चिका हनुमा कर्नाटक में लगभग 13 हत्या और लूट के मामलों में शामिल रहा है, हालांकि इसकी विस्तृत जांच अभी जारी है. आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
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