संदेशखाली केस: CBI के बाद अब ED ने किया शाहजहां शेख को गिरफ्तार

संदेशखाली केस में सीबीआई के द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को ईडी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है. राशन घोटाले, मनी लॉन्ड्रिंग, जमीन पर कब्जा, महिलाओं के यौन शोषण और ईडी की टीम पर हमला करवाने के आरोपी शेख से ईडी ने शनिवार को बशीरहाट जेल में पूछताछ की है.

Advertisement
मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को ईडी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है. मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को ईडी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है.

अरविंद ओझा

  • कोलकाता,
  • 30 मार्च 2024,
  • अपडेटेड 11:54 PM IST

संदेशखाली केस में सीबीआई के द्वारा गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी शाहजहां शेख को ईडी ने अपनी गिरफ्त में ले लिया है. राशन घोटाले, मनी लॉन्ड्रिंग, जमीन पर कब्जा, महिलाओं के यौन शोषण और ईडी की टीम पर हमला करवाने के आरोपी शेख से ईडी ने शनिवार को बशीरहाट जेल में पूछताछ की है. सोमवार को कोर्ट में प्रोडक्शन वारंट लगाकर ईडी उसकी रिमांड लेगी. दो हफ्ते पहले कोलकाता हाई कोर्ट ने उसकी अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी थी. 

Advertisement

जानकारी के मुताबिक, संदेशखाली का मास्टरमाइंड शाहजहां शेख सीबीआई की कस्टडी में था. उसे बशीरहाट जेल में रखा गया है. ईडी ने उससे पूछताछ के लिए कोर्ट से इजाजत मांगी थी. उत्तर 24 परगना जिले के बशीरहाट उप विभागीय कोर्ट ने शनिवार दोपहर शेख शाहजहां से पूछताछ करने की इजाजत दे दी. इसके बाद ईडी ने जेल में ही उससे पूछताछ की, जिसके बाद उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया. ईडी राशन घोटाले और मनी लॉन्ड्रिंग केस में जांच कर रही है.

इससे पहले 12 मार्च को कोलकाता हाई कोर्ट में शाहजहां शेख की अग्रिम जमानत पर सुनवाई हुई थी. कोर्ट ने उसकी याचिका खारिज कर दी थी. इस दौरान शाहजहां की ओर से पेश हुए उसके वकील सब्यसाची बनर्जी ने कहा था कि यह स्पष्ट नहीं है कि उसके मुवक्कील किस आरोप में गिरफ्तार किया गया है. उनका कहना था कि राशन घोटाले में 12 दिसंबर 2023 को शिकायत दर्ज की गई थी. इसमें शेख सीधे तौर पर प्राथमिक अभियुक्त नहीं है. 

Advertisement

5 जनवरी को उसके घर पर छापा मारा गया था. इसके बाद में 23 और 24 जनवरी को दोबारा छापेमारी की गई थी. इस दौरान ईडी की छापेमारी में कुछ नहीं मिला था. इसके बाद एक नोटिस जारी करके शाहजहां शेख या उसके किसी प्रतिनिधि को हाजिर होने के लिए कहा गया. उस वक्त शेख ने निचली अदालत में अग्रिम जमानत की अर्जी दी थी. वकील का यह भी आरोप था कि शाहजहां को केवल एक गिरफ्तार आरोपी के बयान के आधार पर समन किया गया.

बताते चलें कि शाहजहां शेख की पहचान टीएमसी के एक ताकतवर और प्रभावशाली नेता के तौर पर है. वो संदेशखाली यूनिट का टीएमसी अध्यक्ष भी रह चुका है. पहली बार शाहजहां शेख उस समय चर्चा में आया, जब 5 जनवरी को ईडी की टीम शाहजहां से बंगाल राशन वितरण घोटाला मामले में पूछताछ करने पहुंची थी, उस समय उसके गुर्गों ने ईडी की टीम पर हमला कर दिया था. इसके बाद से ईडी ने उसे लगातार समन जारी किया था. 

ईडी की टीम पर हमला होने के बाद संदेशखाली उस समय सुर्खियों में आया, जब वहां की महिलाओं ने शाहजहां शेख पर जमीन हड़पने और उसके गुर्गों पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया. इस मामले को लेकर लेफ्ट और बीजेपी पार्टियों ने ममता सरकार के खिलाफ जमकर विरोध किया. संदेशखाली में धारा 144 लगाकर विपक्ष के नेताओं को वहां जाने से रोका गया, हालांकि बीजेपी के नेताओं ने बंगाल से लेकर दिल्ली तक इस मामले को उठाया था. 

Advertisement

इसके बाद ममता सरकार पर दबाव बनाया गया कि संदेशखाली के सभी आरोपियों की गिरफ्तारी की जाए. हालांकि बंगाल पुलिस ने इसके गुर्गों को गिरफ्तार कर लिया था, लेकिन शाहजहां शेख पर हाथ डालने से पुलिस डर रही थी. कोलकाता हाई कोर्ट ने जब शाहजहां की गिरफ्तारी का आदेश दिया तो पुलिस ने एक्शन लेते हुए देर रात गिरफ्तार कर लिया था. लेकिन उसे सीबीआई को नहीं सौंपा गया. हालांकि, बाद में सीबीआई को कस्टडी दे दी गई.

---- समाप्त ----

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement