40 दिन बाद वापस जेल पहुंचे गुरमीत राम रहीम सिंह, 15वीं बार मिली थी पैरोल

राम रहीम 40 दिन की पैरोल पूरी करने के बाद वापस रोहतक के सुनारिया जेल लौट गए हैं. 5 जनवरी 2026 को मिली राहत के बाद वह सिरसा स्थित डेरे में रहे. 2017 से उम्रकैद की सजा काट रहे राम रहीम को अब तक 15वीं बार जेल से बाहर आने की इजाजत मिल चुकी है.

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सिरसा डेरा प्रमुख की पैरोल खत्म, पुलिस सुरक्षा में लौटे रोहतक के सुनारिया जेल. (File Photo: ITG) सिरसा डेरा प्रमुख की पैरोल खत्म, पुलिस सुरक्षा में लौटे रोहतक के सुनारिया जेल. (File Photo: ITG)

कमलजीत संधू

  • चंडीगढ़,
  • 15 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 6:18 PM IST

डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह 40 दिन की पैरोल खत्म होने के बाद रविवार शाम जेल लौट गए. पुलिस सुरक्षा के बीच शाम करीब पांच बजे वह रोहतक की सुनारिया जेल पहुंचे. उन्हें 5 जनवरी 2026 को 40 दिन की पैरोल मिली थी. यह 2017 में दोषी ठहराए जाने के बाद से 15वीं बार था जब राम रहीम को जेल से बाहर आने की इजाजत दी गई. 

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इस बार वह पैरोल की पूरी अवधि सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा के मुख्यालय में रहे. राम रहीम 2017 से दो साध्वियों के साथ रेप और पत्रकार रामचंद्र छत्रपति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे हैं. उन्हें समय-समय पर पैरोल और फर्लो मिलती रही है. उनकी सबसे नई पैरोल 3 जनवरी को मंजूर हुई थी. लेकिन रिहाई की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं थी. 

इससे पहले भी कई बार ऐसा हुआ है जब जेल से बाहर आने के बाद वह उत्तर प्रदेश के बागपत स्थित डेरे के आश्रम में रहे हैं. राम रहीम पिछली बार पिछले साल अगस्त में 40 दिन की पैरोल पर बाहर आए थे. अगस्त से पहले उन्हें अप्रैल में 21 दिन की फर्लो और जनवरी में 30 दिन की पैरोल मिली थी. 5 फरवरी को दिल्ली चुनाव से पहले भी 30 दिन की राहत दी गई थी.

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राम रहीम को 1 अक्टूबर 2024 को हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले 20 दिन की पैरोल मिली थी. अगस्त 2024 में 21 दिन की फर्लो दी गई. इससे पहले 7 फरवरी 2022 से तीन हफ्ते की फर्लो मिली थी, जो पंजाब विधानसभा चुनाव से ठीक पहले की अवधि थी. रेप और मर्डर के दोषी को बार-बार राहत मिलने को लेकर लगातार कड़ी आलोचना भी होती रही है.

डेरा सच्चा सौदा के हरियाणा, पंजाब, राजस्थान समेत कई राज्यों में बड़ी संख्या में अनुयायी हैं. हरियाणा के सिरसा, फतेहाबाद, कुरुक्षेत्र, कैथल और हिसार जैसे जिलों में संगठन की मजबूत मौजूदगी मानी जाती है.

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