प्यार, ट्रेडिंग और ब्लैकमेलिंग... 'सेक्सटॉर्शन' में ऐसे फंसे रिटायर्ड इंजीनियर, हुई करोड़ों की ठगी

ठाणे में साइबर सेक्सटॉर्शन का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है. रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर को पहले प्यार और ट्रेडिंग के नाम पर फंसाया गया, फिर निजी तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेल कर करीब 3.95 करोड़ रुपए की ठगी कर ली गई. पुलिस इस मामले की जांच कर रही है.

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बुजुर्ग से सात महीने के अंदर करीब चार करोड़ रुपए की ठगी कर ली गई. (Photo: Representational) बुजुर्ग से सात महीने के अंदर करीब चार करोड़ रुपए की ठगी कर ली गई. (Photo: Representational)

aajtak.in

  • ठाणे,
  • 09 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:20 AM IST

महाराष्ट्र के ठाणे जिले से साइबर फ्रॉड और सेक्सटॉर्शन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. यहां 62 साल के एक रिटायर्ड सरकारी इंजीनियर से करीब 3.95 करोड़ रुपए की ठगी कर ली गई. इस पूरे खेल में एक महिला और उसके साथियों ने सुनियोजित तरीके से पीड़ित को पहले भावनात्मक जाल में फंसाया और फिर ब्लैकमेलिंग शुरू कर दी.

पुलिस के मुताबिक, यह मामला 17 जुलाई 2025 को शुरू हुआ, जब पीड़ित को एक अनजान नंबर से व्हाट्सऐप कॉल आया. कॉल करने वाली महिला ने धीरे-धीरे बातचीत बढ़ाई और कई हफ्तों तक संपर्क में रहकर भरोसा जीत लिया. आरोपी महिला ने भावनात्मक अपील और प्यार का नाटक कर पीड़ित को पूरी तरह अपने जाल में फंसा लिया.

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इसके बाद महिला ने पीड़ित को एक फर्जी इंटरनेशनल ट्रेडिंग स्कीम का झांसा दिया. उसने दावा किया कि अमेरिका में उसके चाचा के जरिए उसे हाई-प्रॉफिट ट्रेडिंग का एक्सक्लूसिव एक्सेस मिला है. इसी बहाने पीड़ित से एक संदिग्ध लिंक पर ट्रेडिंग अकाउंट खुलवाया गया. अगले करीब सात महीनों में पीड़ित ने अलग-अलग बैंक खातों में 25 ट्रांजैक्शन किए. 

भारी मुनाफे के लालच में पीड़ित ने निवेश के लिए लोन तक ले लिया. पिछले महीने जब उसने अपने मुनाफे की रकम निकालने की कोशिश की, तो पूरा खेल सामने आ गया. उसे महिला की तरफ से आपत्तिजनक मैसेज और तस्वीरें भेजी गईं. इसके बाद दबाव बनाकर उससे न्यूड तस्वीरें भी मंगवाई गईं. 25 जनवरी को एक व्यक्ति ने उसको कॉल किया.

कॉलर ने खुद को आरोपी महिला का चाचा बताया. उसने धमकी दी कि यदि उसने 2 करोड़ रुपए और नहीं दिए तो उसके खिलाफ रेप और छेड़छाड़ का केस दर्ज करा दिया जाएगा. इसके बाद पीड़ित बुजुर्ग घबरा गए. उन्होंने तुरंत पुलिस से संपर्क किया. इस मामले में भारतीय न्याय संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.

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एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि मुख्य संदिग्ध महिला की पहचान कर ली गई है. ठगी की रकम किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई, इसका पूरा ट्रेल खंगाला जा रहा है. पुलिस इस साइबर गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी जांच कर रही है. पुलिस का कहना है कि बहुत जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर इस रैकेट का पर्दाफाश कर दिया जाएगा.

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