दिल्ली के तुर्कमान गेट पर फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान भड़की हिंसा को लेकर कानूनी कार्रवाई तेज होती जा रही है. पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ होता जा रहा है कि यह बवाल अचानक नहीं भड़का, बल्कि इसे योजनाबद्ध तरीके से हवा दी गई. पुलिस अब तक 400 से ज्यादा वीडियो खंगाल चुकी है, जिनके आधार पर 30 से अधिक लोगों की पहचान की जा चुकी है.
पुलिस के मुताबिक, अब तक इस मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. बुधवार को पकड़े गए पांच लोगों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. हिंसा भड़काने के आरोप में कई चेहरे अब भी फरार हैं. इनमें यूट्यूबर सलमान का नाम सबसे ऊपर है. उस पर मस्जिद गिराए जाने की झूठी अफवाह फैलाने का आरोप है. पुलिस का कहना है कि कार्रवाई के दौरान मस्जिद में प्रवेश तक नहीं किया गया था.
दिल्ली पुलिस द्वारा जारी किए गए वीडियो में अतिक्रमण हटाने से पहले और बाद की स्थिति साफ दिखाई गई है. बुलडोजर एक्शन के बाद जमीन समतल नजर आ रही है, जिससे पुलिस का दावा मजबूत होता है कि कार्रवाई सिर्फ चिन्हित अवैध निर्माण पर ही की गई. हिंसा के दौरान ड्रोन से ली गई तस्वीरों में साफ दिखता है कि कैसे अचानक भीड़ ने पुलिस पर पत्थरबाजी शुरू की और धीरे-धीरे हालात बेकाबू होते चले गए.
जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भीड़ को पीछे धकेला. फिलहाल इलाके में तनाव है और कई टीमें अलग-अलग इलाकों में छापेमारी कर रही हैं. पुलिस की जांच में सामने आया है कि सोशल मीडिया पर सक्रिय कुछ इंफ्लुएंसर और यूट्यूबर ने यह अफवाह फैलाई कि पुलिस मस्जिद गिराने आ रही है. इसके बाद बड़ी संख्या में लोग तुर्कमान गेट पर जुटे और हिंसा भड़क उठी. पुलिस व्हाट्सएप ग्रुप्स की पहचान कर रही है.
इन व्हाट्सएप ग्रुप्स में भड़काऊ वीडियो, ऑडियो मैसेज और पोस्ट शेयर किए गए थे. पुलिस का कहना है कि 10 सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर इस पूरे मामले में संदिग्ध भूमिका में हैं. इनमें एक महिला इंफ्लुएंसर को पूछताछ के लिए बुलाया जा चुका है. पुलिस के मुताबिक, इन पोस्ट्स और वीडियोज में तथ्यात्मक रूप से गलत और गुमराह करने वाली बातें फैलाई गईं, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ी.
यह भी पढ़ें: अफवाह, पत्थरबाजी और साजिश... तुर्कमान गेट हिंसा में चौंकाने वाले खुलासे, अब तक 11 लोग गिरफ्तार
पुलिस के अनुसार, हिंसा में करीब 150 उपद्रवी शामिल थे. CCTV, बॉडीकैम और ड्रोन फुटेज से यह भी साफ हुआ है कि पुलिस की तैनाती मस्जिद के अंदर नहीं, बल्कि आसपास के अतिक्रमण वाले इलाके तक ही सीमित थी. इसके बावजूद कुछ नेताओं और सोशल मीडिया चेहरों ने मस्जिद में कार्रवाई का दावा कर माहौल और भड़काया. समाजवादी पार्टी के सांसद मोहिबुल्लाह नदवी की भूमिका भी जांच के दायरे में है.
पुलिस उन्हें जांच में शामिल होने के लिए समन भेजने की तैयारी कर रही है. वहीं AIMIM और अन्य राजनीतिक दलों के बयानों ने सियासी तकरार को और तेज कर दिया है. दिल्ली पुलिस का कहना है कि हिंसा भड़काने वाले चाहे कहीं भी छिपे हों, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा. फिलहाल पुलिस पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि तुर्कमान गेट को सुलगाने की साजिश में कितने किरदार शामिल थे.
aajtak.in