केरल के सबरीमाला सोना चोरी मामले में जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने शुक्रवार को लगातार दो बड़ी गिरफ्तारी की है. भगवान अयप्पा मंदिर के मुख्य पुजारी की गिरफ्तारी के बाद मंदिर के तांत्रिक कंदारारू राजीव्वारू को भी गिरफ्तार कर लिया गया है. इस कार्रवाई से श्रद्धालुओं में गहरा आक्रोश और हैरानी देखने को मिल रही है.
सूत्रों के मुताबिक, तांत्रिक राजीव्वारू पर आरोप है कि उन्होंने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी से करीबी संबंध रखते हुए मंदिर के द्वारपालक और श्रीकोविल के दरवाजों की सोने की प्लेटों को मंदिर परिसर के बाहर रीप्लेटिंग के लिए चुपचाप अनुमति दी. स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया अनुष्ठानिक नियमों के खिलाफ थी.
तांत्रिक कंदारारू राजीव्वारू से शुक्रवार सुबह एक अज्ञात स्थान पर पूछताछ की गई और बाद में दोपहर में उन्हें SIT कार्यालय लाया गया, जहां उनकी गिरफ्तारी औपचारिक रूप से दर्ज की गई. SIT अधिकारियों के अनुसार, यह गिरफ्तारी पोट्टी और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष ए पद्मकुमार के बयानों के आधार पर की गई है.
SIT की जांच में सामने आया है कि वर्ष 2019 में मंदिर परिसर के बाहर द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल के दरवाजे के फ्रेम की सोने की प्लेटों की रीप्लेटिंग कराई गई थी. आरोप है कि तांत्रिक को इसकी जानकारी थी, लेकिन उन्होंने अनुष्ठानिक उल्लंघन की रिपोर्ट नहीं की. SIT का कहना है कि उन्होंने अनुमति लिए बिना प्रक्रिया को आसान बनाया.
SIT द्वारपालक मूर्तियों और श्रीकोविल से गायब हुए सोने से जुड़े दो मामलों की जांच कर रही है. तांत्रिक की गिरफ्तारी दूसरे मामले में दर्ज की गई है. केरल हाई कोर्ट के निर्देश पर गठित SIT की जांच में यह अब तक की 11वीं गिरफ्तारी है. कंदारारू राजीव्वारू को कोल्लम विजिलेंस कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है.
इस बीच जांच को नया मोड़ देते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने भी सबरीमाला सोने के नुकसान मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज कर लिया है. ED के कोच्चि जोनल ऑफिस ने PMLA के तहत ECIR दर्ज की है. हाई कोर्ट पहले ही ED को इस मामले में स्वतंत्र जांच की अनुमति दे चुका है.
ED अधिकारियों के अनुसार, जांच में यदि अपराध की कमाई के सबूत मिलते हैं तो आरोपियों की संपत्तियां जब्त की जा सकती हैं. जांच में आधिकारिक कदाचार, प्रशासनिक चूक और मंदिर की कलाकृतियों से सोने की हेराफेरी की आपराधिक साजिश की भी पड़ताल की जा रही है.
राज्य पुलिस प्रमुख रावड़ा ए चंद्रशेखर और देवस्वम मंत्री वी एन वासववन ने कहा है कि जांच पूरी तरह केरल हाई कोर्ट की निगरानी में हो रही है. जो भी सबूत सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. राजनीतिक दलों ने भी इस मामले में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दी हैं.
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