इस देश की राजधानी को बना दिया खंडहर, 6 साल से ऑन था बेरुत का 'टाइम बम'

धमाका इतना जबरदस्त था कि बेरूत की ऐसी कोई इमारत नहीं बची. जिसका कांच इस धमाके से टूटा ना हो. कई इमारतों की तो बस निशानी ही रह गई हैं. किसी की छत उड़ी है तो कोई पूरी ही जमीनदोज हो गई है. गाड़ियां कबाड़ बन गईं.

धमाके के वक्त बेरूत में तबाही का खौफनाक मंजर था
शम्स ताहिर खान
  • नई दिल्ली,
  • 10 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 9:00 PM IST

  • 4 अगस्त को धमाके से दहल गया था बेरूत शहर
  • राजधानी के बंदरगाह इलाके में हुआ था धमाका
  • धमाके में गई कई लोगों की जान, हजारों घायल

लेबनान की राजधानी बेरूत में हुए धमाके की तस्वीरें देखकर पूरी दुनिया दहल गई. कहने को तो ये धमाके 4 अगस्त को हुए. मगर इन धमाकों की उल्टी गिनती आज से 6 साल पहले ही शुरू हो गई थी. पिछले 6 सालों से ये टाइम बम टिक-टिक कर रहा था. मगर बेरूत प्रशासन और लेबनान सरकार इससे बेखबर थी. आखिर क्या है 6 साल के इस टाइम बम की मिस्ट्री, इसे जानना जरूरी है.

4 अगस्त को इसरा सेबलानी अपने बिजनेसमैन ब्वॉयफ्रेंड के साथ दूल्हा-दुल्हन के रिश्ते में बंधने वाले थे. बरसों के रिलेशन के बाद दोनों ने शादी करने का फैसला किया था. लिहाजा वो अपनी जिंदगी के इस खास दिन को यादगार बनाना चाहती थीं. इसीलिए उन्होंने खास अपने वेडिंट शूट के लिए एक प्रोफेशनल फोटोग्राफर को बुलवाया था. व्हाइट गाउन में सजी-धजी खूबसूरत इसरा हंसते हुए अपना प्री-वेडिंग फोटोशूट करा रही थीं कि तभी अचानक एक गड़गड़ाहट से जमीन हिलने लगी और एक जोरदार आवाज ने मौके पर मौजूद दुल्हन समेत बाकी लोगों के कान के पर्दे फाड़ दिए.

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दुकानों और घरों के शीशें टूटने लगे. रेस्टोरेंट की कुर्सियां पलट गईं. धमाके से उठा गर्द का गुबार गलियों में घुस आया. सब कुछ चकनाचूर हो गया. घरवाले इसरा को लेकर होटल के अंदर की तरफ भागे. वहीं फोटो शूट कर रहा कैमरामैन अपने कैमरे समेत धमाके की आवाज से वहीं गिर गया. हर तरफ सिर्फ चीख पुकार रह गई.

धमाके के वक्त कि बेरूत से ऐसी तमाम तस्वीरें सामने आईं. मगर जिस तस्वीर ने पूरी दुनिया को हिला दिया वो थी बैरूत के सेंट मरौन चर्च की. इस कैथेलिक चर्च में पादरी प्रेयर में मशगूल था. तभी अचानक पूरा चर्च इस तरह हिलने लगा. मानो भयानक भूकंप आया हो और फिर अचानक चर्च की लाइट चली गई. मगर इसके बावजूद पादरी ने हिम्मत नहीं हारी और प्रेयर को जारी रखा. तभी एक भयानक आवाज से चर्च की छत के हिस्से जमीन पर आ गए. अब जान बचाने के लिए ये पादरी भागा जरूर. मगर छत का एक हिस्सा सीधे उसके सिर पर आ गिरा और पादरी ने वहीं दम तोड़ दिया.

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जिस वक्त ये धमाका हुआ. ठीक उसी वक्त हमारी रिपोर्टर आंचल वोहरा बेरुत में ही मौजूद थीं और इस तबाही के मंजर को उन्होंने अपनी आंखों से देखा. बेरुत की तबाही तस्वीरें बयां कर रही हैं. सिर्फ एक धमाके ने लेबनान की इस राजधानी को खंडहर में तब्दील कर दिया. धमाका इतना जबरदस्त था कि बेरूत की ऐसी कोई इमारत नहीं बची. जिसका इस धमाके से कांच टूटा ना हो. कई इमारतों की तो बस निशानी ही रह गई है. किसी की छत उड़ी है तो कोई पूरी ही जमीनदोज हो गई है. गाड़ियां कबाड़ बन गईं.

धमाके से हुई इस बर्बादी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि ब्लास्ट की जगह से कई-कई किलोमीटर दूर भी तबाही का मंजर था. धमाके के बाद से सैकड़ों लोग तो गुमशुदा हैं. जिनकी तलाश की जा रही है. धमाके में डेढ़ सौ लोग हलाक हुए हैं. पांच हजार से भी ज्यादा लोग घायल हैं और सैकड़ों लापता हैं.

पूरा शहर ही स्याह लग रहा था. लोग खून से लथपथ थे. आसपास चलना तक मुश्किल हो रहा था. शुरुआती रिपोर्ट में ही ये साफ हो गया कि ये धमाका अमोनियम नाइट्रेट की वजह हुआ. जानकारों के मुताबिक जब इसका विस्फोट होता है तो ये नाइट्रोजन ऑक्साइड और अमोनिया जैसी जहरीली गैस रिलीज करता है. जिसकी वजह से ये तबाही और ज्यादा भयानक हो गई.

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