कानपुर में कोरोना पॉजिटिव जमातियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर आरती लाल चंदानी को उनके पद से हटा दिया गया है. नियुक्ति के नए आदेश के मुताबिक डॉक्टर आरती को लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है. उनकी जगह अब डॉक्टर आर बी कमल को जीएसवीएम मेडिक कॉलेज का प्रिंसिपल बनाया गया है.
डॉक्टर आरती की टिप्पणी के बाद मचे हंगामे पर शासन की जांच भी हो रही थी. मुस्लिम समाज की तरफ से एडवोकेट मोहम्मद नासिर खान ने कोर्ट में उन पर कार्रवाई की अपील भी की थी. इस कार्रवाई के बाद आजतक से बात करते हुए नासिर का कहना था कि उनके हटने से कम से कम जो लोग हैलट हॉस्पिटल जाने से डरते थे वो जाएंगे तो सही. वैसे भी उन पर कार्रवाई होनी ही चाहिए थी.
कोरोना पर फुल कवरेज के लिए यहां क्लिक करें
दरअसल, बीते दिनों प्रिंसिपल डॉक्टर आरती लाल चंदानी ने तबलीगी जमात के लोगों पर अभद्रता का आरोप लगाया था, तब वे चर्चा में आई थीं. उसके कुछ दिन बाद एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे जमातियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिख रही थीं. इसी वीडियो को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की जा रही थी.
डॉक्टर आरती ने दी थी सफाई
इस पूरे मामले पर डॉक्टर आरती लाल चंदानी ने आज तक से अपनी सफाई देते हुए कहा था कि मेरा ये वीडियो जो बनाया गया है उसमें ऐसा कुछ नहीं है. वो मेरा बयान नहीं है. उसको स्टिंग कर समाज में नफरत फैलाने के लिए बनाया गया है. उसको इग्नोर किया जाए. ये गलत है. मैं तो खुद 38 साल से समाज के सभी लोगों का इलाज करती आ रही हूं. मेरी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी.
देश-दुनिया के किस हिस्से में कितना है कोरोना का कहर? यहां क्लिक कर देखें
उन्होंने अपनी सफाई में आगे कहा था कि हम लोग काफी प्रेशर में थे. गुस्से में कभी कुछ कह भी दिया, तो मंशा गलत नहीं थी. जैसे मां अपने बच्चों को गुस्से में डांट देती है वैसा ही था. फिर मैंने उनका ख्याल भी रखा. मैंने उनका ढंग से इलाज कर उनको ठीक कर भेजा. वे भी हमको धन्यवाद करके गए हैं.
कोरोना कमांडोज़ का हौसला बढ़ाएं और उन्हें शुक्रिया कहें...
रंजय सिंह