कानपुर: जमातियों पर टिप्पणी करने वाली मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल को पद से हटाया

नियुक्ति के नए आदेश के मुताबिक डॉक्टर आरती लाल चंदानी को लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है. उनकी जगह अब डॉक्टर आर बी कमल को जीएसवीएम मेडिक कॉलेज का प्रिंसिपल बनाया गया है.

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वीडियो को लेकर प्रिंसिपल ने कहा कि वो मेरा बयान नहीं है (वीडियो से कैप्चर तस्वीर) वीडियो को लेकर प्रिंसिपल ने कहा कि वो मेरा बयान नहीं है (वीडियो से कैप्चर तस्वीर)

रंजय सिंह

  • कानपुर,
  • 12 जून 2020,
  • अपडेटेड 12:51 AM IST

  • डॉक्टर आरती लाल चंदानी का हुआ लखनऊ ट्रांसफर
  • डॉक्टर ने जमातियों पर की थी आपत्तिजनक टिप्पणी

कानपुर में कोरोना पॉजिटिव जमातियों पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज की प्रिंसिपल डॉक्टर आरती लाल चंदानी को उनके पद से हटा दिया गया है. नियुक्ति के नए आदेश के मुताबिक डॉक्टर आरती को लखनऊ मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है. उनकी जगह अब डॉक्टर आर बी कमल को जीएसवीएम मेडिक कॉलेज का प्रिंसिपल बनाया गया है.

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डॉक्टर आरती की टिप्पणी के बाद मचे हंगामे पर शासन की जांच भी हो रही थी. मुस्लिम समाज की तरफ से एडवोकेट मोहम्मद नासिर खान ने कोर्ट में उन पर कार्रवाई की अपील भी की थी. इस कार्रवाई के बाद आजतक से बात करते हुए नासिर का कहना था कि उनके हटने से कम से कम जो लोग हैलट हॉस्पिटल जाने से डरते थे वो जाएंगे तो सही. वैसे भी उन पर कार्रवाई होनी ही चाहिए थी.

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दरअसल, बीते दिनों प्रिंसिपल डॉक्टर आरती लाल चंदानी ने तबलीगी जमात के लोगों पर अभद्रता का आरोप लगाया था, तब वे चर्चा में आई थीं. उसके कुछ दिन बाद एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे जमातियों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए दिख रही थीं. इसी वीडियो को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की जा रही थी.

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डॉक्टर आरती ने दी थी सफाई

इस पूरे मामले पर डॉक्टर आरती लाल चंदानी ने आज तक से अपनी सफाई देते हुए कहा था कि मेरा ये वीडियो जो बनाया गया है उसमें ऐसा कुछ नहीं है. वो मेरा बयान नहीं है. उसको स्टिंग कर समाज में नफरत फैलाने के लिए बनाया गया है. उसको इग्नोर किया जाए. ये गलत है. मैं तो खुद 38 साल से समाज के सभी लोगों का इलाज करती आ रही हूं. मेरी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी.

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उन्होंने अपनी सफाई में आगे कहा था कि हम लोग काफी प्रेशर में थे. गुस्से में कभी कुछ कह भी दिया, तो मंशा गलत नहीं थी. जैसे मां अपने बच्चों को गुस्से में डांट देती है वैसा ही था. फिर मैंने उनका ख्याल भी रखा. मैंने उनका ढंग से इलाज कर उनको ठीक कर भेजा. वे भी हमको धन्यवाद करके गए हैं.

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