अनलॉक-4: कंटेनमेंट जोन के बाहर लॉकडाउन नहीं लगा सकेंगे राज्य, लेनी होगी केंद्र की इजाजत

अनलॉक-4 का एक महत्वपूर्ण दिशानिर्देश यह है कि कंटेनमेंट जोन के बाहर लॉकडाउन करने की शक्ति राज्यों को नहीं होगी. एक राज्य में कंटेनमेंट जोन कहां-कहां हैं, इसकी जानकारी हर जिले की वेबसाइट पर राज्य या केंद्र शासित प्रदेश देंगे. कंटेनमेंट जोन की जानकारी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश स्वास्थ्य मंत्रालय को भी देंगे.

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लखनऊ में वीकेंड लॉकडाउन के दौरान सन्नाटा (फोटो-पीटीआई) लखनऊ में वीकेंड लॉकडाउन के दौरान सन्नाटा (फोटो-पीटीआई)

कमलजीत संधू

  • नई दिल्ली,
  • 30 अगस्त 2020,
  • अपडेटेड 8:33 AM IST
  • 1 सितंबर से लागू होंगे अनलॉक-4 के प्रावधान
  • लॉकडाउन लागू करने के अधिकार में बदलाव
  • स्थानीय बंद लागू नहीं कर सकते राज्य

अनलॉक-4 की गाइडलाइंस जारी हो गई हैं. ये गाइडलाइंस 1 सितंबर से लागू होंगी और लॉकडाउन के अहम प्रावधान खत्म हो जाएंगे. केंद्र सरकार लॉकडाउन को चरणबद्ध तरीके से खोलने की प्रक्रिया में है. अनलॉक-4 का एक महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश यह है कि कंटेनमेंट जोन के बाहर लॉकडाउन करने का अधिकार राज्यों के पास नहीं होगा. राज्य किसी भी हालत में स्थानीय स्तर पर कंटेनमेंट जोन के बाहर  लॉकडाउन को लागू नहीं कर सकेंगे. 

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हालांकि कंटेनमेंट जोन के अंदर लॉकडाउन के प्रावधानों का सख्ती से पालन किया जाएगा और यहां सिर्फ आवश्यक गतिविधियों की इजाजत होगी. 
 
एक राज्य में कंटेनमेंट जोन कहां-कहां हैं, इसकी जानकारी हर जिले की वेबसाइट पर राज्य या केंद्र शासित प्रदेश देंगे. कंटेनमेंट जोन की जानकारी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश स्वास्थ्य मंत्रालय को भी देंगे, ताकि जरूरत पड़ने पर वहां मेडिकल सेवाएं भेजी जा सकें और वहां की निगरानी की जा सके. 

गृह मंत्रालय ने कहा है कि राज्य कंटेनमेंट जोन के बाहर के क्षेत्रों में केंद्र की अनुमति के बिना अपना स्थानीय बंद लागू नहीं कर सकते.

7 सितंबर से शुरू होंगी मेट्रो सेवाएं

गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देश के मुताबिक, सात सितंबर से मेट्रो सेवाएं चरणबद्ध तरीके से खुल सकेंगी. आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय/रेल मंत्रालय द्वारा केंद्रीय गृह मंत्रालय के साथ परामर्श के बाद मेट्रो रेल को सात सितंबर से क्रमबद्ध तरीके से संचालित करने की अनुमति दी जाएगी.

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साथ ही केंद्र ने इस बात को भी दोहराया है कि लोगों की एक राज्य से दूसरे राज्य या एक ही राज्य के अंदर आवाजाही पर ना तो कोई रोक होगी और ना किसी तरह की इजाजत की जरूरत होगी. यह इसलिए अहम है क्योंकि केंद्र सरकार के कहने के बावजूद कुछ राज्यों ने अपने यहां आवागमन पर शर्तों के साथ पाबंदी लगाई हुई थी. 

शर्तों के साथ राजनीतिक रैलियों को इजाजत

केंद्र ने राजनीतिक कार्यों और अन्य सभाओं के लिए 21 सितंबर 2020 से 100 व्यक्तियों को शामिल होने की अनुमति दे दी है. बिहार चुनाव के मद्देनजर इसका खासा महत्व है. हालांकि, इस तरह के कार्यक्रमों में फेस मास्क पहनना, सामाजिक दूरी, थर्मल स्कैनिंग और हाथ धोने के लिए सैनिटाइजर का प्रावधान जरूरी होगा. 

 

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