कोरोना संक्रमण की रफ्तार बढ़ी, 75% केस महाराष्ट्र और केरल से: स्वास्थ्य मंत्रालय

कोरोना वैक्सीनेशन का दूसरा चरण शुरू हो चुका है, तो वहीं कोरोना संक्रमण की रफ्तार भी एक बार फिर बढ़ने लगी है. स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा ​दी गई जानकारी के अनुसार सबसे ज्यादा गंभीर हालात महाराष्ट्र और केरल में हैं. महाराष्ट्र और केरल में मौजूद कोविड मरीज देश भर के कुल केस की तुलना में 75 फीसदी हैं. 

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सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई) सांकेतिक तस्वीर (पीटीआई)

संजय शर्मा / स्नेहा मोरदानी

  • नई दिल्ली,
  • 02 मार्च 2021,
  • अपडेटेड 6:57 PM IST
  • 1,48,55,073 लोगों का हुआ टीकाकरण
  • कोरोना का दूसरा डोज कहीं भी ले सकते
  • कोविन ऐप में होगा एक साथ चार का पंजीकरण  

स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा कोरोना संक्रमण को लेकर प्रेसवार्ता की गई. प्रेसवार्ता को संबोधित करते हुए स्वास्थ्य सचिव अजय भूषण पांडेय ने कहा कि 15 सितंबर तक रोजाना 92000 केस आ रहे थे. फरवरी में रोजाना औसतन 8000 केस रह गए, लेकिन फरवरी के अंत तक ये संख्या 12286 पहुंच गई. उन्होंने बताया कि पिछले दो हफ्ते में दो सौ से अधिक नए मरीज छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, गुजरात, कर्नाटक, पंजाब, तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र में आ रहे हैं.

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स्वास्थ्य सचिव अजय भूषण पांडेय ने बताया कि पंजाब और हरियाणा में केस बढ़ रहे हैं. एमपी में महाराष्ट्र से सटे इलाकों और जिलों में केस बढ़ रहे हैं. उन्होंने बताया कि अब तक एक करोड़, 48 लाख, 55 हजार 73 लोगों को कोरोना का टीका लगाया जा चुका है. वहीं  लक्ष्य द्वीप, ओडिशा, एमपी, राजस्थान, झारखंड सहित कई राज्यों में शत प्रतिशत स्वास्थ्य कर्मी टीका ले चुके हैं. 9 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में 70 फीसदी से ज्यादा फ्रंट लाइन वर्कर का वैक्सीनेशन हो चुका है. 

आरोग्य सेतु ऐप से भी कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन 
वहीं कोरोना वैक्सीन के लिए लोग अब आरोग्य सेतु ऐप से भी रजिस्ट्रेशन कर सकते हैं. यदि कोई व्यक्ति पहला डोज दिल्ली में लेता है और फिर वह किसी दूसरी जगह चला जाता है, तो चिंता करने की आवश्यकता नहीं है. दूसरा डोज वह दूसरे स्थान पर भी ले सकता है. इस ऐप के माध्यम से उसे केंद्र के बारे में जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सकेगी. 

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एक साथ चार लोगों का रजिस्ट्रेशन 
प्रेसवार्ता में बताया गया कि मोबाइल एप कोविन पर एक साथ चार लोगों के टीकाकरण का पंजीकरण कराकर अपॉइंटमेंट लिया जा सकता है. इतना ही नहीं रजिस्ट्रेशन को रिशड्यूल, कैंसिल या अपडेट भी किया जा सकता है. 16 साल से अधिक आयु के युवा अपना आयु और पहचान के दस्तावेज के साथ टीकाकरण के लिए जा सकते हैं. इन दस्तावेजों में आधार कार्ड, पासपोर्ट भी मान्य होगा. आयुष्मान भारत के सीईओ आरएस शर्मा ने बताया कि 46 से 47 हजार अस्पताल टीकाकरण में लगे हैं, इसमें निजी, सरकारी और स्थानीय निकायों के अस्पताल भी शामिल हैं.

पीएम ने बढ़ाया मनोबल 
वहीं नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्या वीके पॉल ने बताया कि पीएम मोदी ने टीकाकरण कराकर मिसाल दी है साथ ही देश की जनता का मनोबल भी बढ़ाया है. उन्होंने कहा कि टीकाकरण के ये अभियान अब जन आंदोलन जैसा बन जाएगा. हर बुजुर्ग नागरिक टीका लगवाएगा. दो वैक्सीन हमारा मनोबल ऊंचा रख रही हैं, आत्मनिर्भर और अत्मविश्वस्त भारत. टीकाकरण का दोहरा फायदा है, यानी अपनी सुरक्षा के साथ कोविड की कड़ी तोड़ना भी संभव हो गया है.

भीड़-भाड़ से बचना जरूरी 
नीति आयोग के स्वास्थ्य सदस्या वीके पॉल ने बताया कि सरकार पूर्ण टीकाकरण तक प्रोटोकॉल को न तो हल्के में लेगी न किसी को लेने देगी. त्वरित इलाज और सख्त प्रोटोकॉल रहेगा. संक्रमित व्यक्ति के करीब 20-25 कॉन्टैक्ट्स को ट्रैक कर तन्हाई में भेजना जरूरी है, ताकि समय रहते इसे रोका जा सके. इसे लो लेवल पर ही सख्त उपाय करके ही काबू किया जा सकता है. भीड़ भाड़, सामूहिक उत्सव से बचना जरूरी है. जरूरतमंद बुजुर्गों को दोनों तरह की वैक्सीन ब्लड थिनर के साथ दी जाती है, ये सुरक्षित है. समय निर्धारण को लेकर राज्यों में समान व्यवस्था को लेकर उन्होंने कहा कि अपनी सुविधा से अस्पताल समय तय करते हैं. कोवीन 2.0 में कहीं भी सुबह 9 से शाम 5 बजे तक की टाइम लाइन नहीं है.

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