लॉकडाउन के दौरान सड़क हादसों में गई 198 प्रवासी मजदूरों की जान

सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, देशभर में 25 मार्च से 31 मई के बीच 1,461 सड़क दुर्घटनाओं हुई. इन दुर्घटनाओं में 198 प्रवासी कामगारों सहित कुल 750 लोगों की मौत हुई है.

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लॉकडाउन के दौरान एक्सीडेंट (फोटो-PTI) लॉकडाउन के दौरान एक्सीडेंट (फोटो-PTI)

aajtak.in

  • नई दिल्ली,
  • 02 जून 2020,
  • अपडेटेड 10:00 PM IST
  • सेव लाइफ फाउंडेशन का दावा
  • 25 मार्च से 31 मई तक 1,461 सड़क हादसे
  • हादसे में कुल 750 लोगों की मौत

देशभर में 25 मार्च से 31 मई के बीच लॉकडाउन के दौरान करीब 200 प्रवासी कामगारों की मौत घर लौटने के दौरान 1,461 सड़क दुर्घटनाओं में हुई है. सेव लाइफ फाउंडेशन द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, इन दुर्घटनाओं में 198 प्रवासी कामगारों सहित कुल 750 लोगों की मौत हुई है.

कोरोनोवायरस संक्रमण चेन को तोड़ने के लिए लगाए गए लॉकडाउन के कारण हजारों परिवार घर जाने के लिए निकल पड़े. मीडिया-ट्रैकिंग और कई सूत्रों से वेरिफिकेशन द्वारा संकलित आंकड़ों के अनुसार, अधिकांश दुर्घटनाएं तेज रफ्तार और ड्राइवर की थकान के कारण हुई.

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उत्तर प्रदेश में सबसे ज्यादा 94 मौतें हुईं. इसके बाद मध्य प्रदेश (38), बिहार (16), तेलंगाना (11) और महाराष्ट्र (9) रहे. 68 दिनों के लॉकडाउन के दौरान, 1,390 लोग सड़क दुर्घटना में घायल हुए थे. उत्तर प्रदेश 30 प्रतिशत यानी 245 घायलों के साथ शीर्ष पर है. 

इसके बाद तेलंगाना (56), मध्य प्रदेश (56), बिहार (43), पंजाब (38) और महाराष्ट्र (36) हैं. इन सबके बीच, 68 फीसदी मौतों में पैदल यात्री, दोपहिया और तिपहिया वाहनों को शामिल किया गया है. 

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सेवलाइफ फाउंडेशन के संस्थापक और सीईओ पीयूष तिवारी ने कहा, 'आंकड़ों से पता चलता है कि तीसरे और चौथे चरण में राज्यों से प्रतिबंधों को हटाने के साथ सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि हुई है.'

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