कोरोना वॉरियर और मरीजों से बदसलूकी का एक और मामला सामने आया है. बिहार के दरभंगा में एक महिला कोरोना को मात देकर अपने घर पहुंची तो मोहल्ले वालों ने उसे घुसने नहीं दिया. जिस एंबुलेंस से महिला अपने घर गई थी, उसी एंबुलेंस से उसे वापस लौटना पड़ा. अब जिलाधिकारी ने कठोर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है.
दरअसल, लॉकडाउन के दौरान महिला अपने पति का इलाज दिल्ली से कराकर दरभंगा लौटी थी. मोहल्ले के लोगों ने इसकी सूचना जिला प्रशासन को दे दी थी. इसके बाद महिला और उसके पति को क्वारनटीन किया गया था और दोनों की कोरोना जांच की गई थी. दोनों पति-पत्नी कोरोना पॉजिटिव पाए गए थे. हालांकि, उनका 5 साल का बच्चा निगेटिव निकाल था.
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पति-पत्नी को तत्काल इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती करा दिया गया था. तभी से मोहल्ले के लोगों ने इस परिवार का तिरष्कार शुरू कर दिया है. तब महिला के बच्चे को मोहल्ले के लोगों ने रहने नहीं दिया. उसे मोहल्ले में उसके ही घर में रखने पर लोगों ने आपत्ति जताई थी. तब कुछ बुद्धिजीवी लोगों की मदद से बच्चे को एक गुप्त स्थान पर रखा गया था.
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आज जब महिला कोरोना को हराकर बिल्कुल स्वस्थ होकर घर लौटी तो ताली बजाकर इसका स्वागत करने के बदले दुत्कार कर वापस भेज दिया गया. इसके बाद जिलाधिकारी त्याग रंजन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि सभी दोषी मोहल्ले के लोगो पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
फिलहाल, महिला क्वारनटीन सेंटर में है और बच्चा गुप्त स्थान पर. वहीं पति अभी भी कोरोना पीड़ित ही है और उसका इलाज अस्पताल में चल रहा है.
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