हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक की कोवैक्सीन को लेकर शुरुआत से ही कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं. हालांकि, अभी देश में इस वैक्सीन का इस्तेमाल किया जा रहा है. इस बीच वैक्सीन मामले की सब्जेक्ट एक्सपर्ट कमेटी (SEC) ने सुझाव दिया है कि अब भारत बायोटेक को देश में ट्रायल को ओपन कर देना चाहिए, साथ ही जिन लोगों पर ट्रायल किया गया उन्हें मुफ्त में वैक्सीन मिलनी चाहिए.
SEC के मुताबिक, भारत बायोटेक ने अपने ट्रायल का नया वर्जन पेश किया है. साथ ही अभी वैक्सीन को इम्युनाइसेशन प्रोग्राम के तहत दिया जा रहा है, ऐसे में जिनको वैक्सीन मिल रही है उन्हें इनकी पूरी जानकारी मिलनी चाहिए.
दरअसल, वैक्सीन के ट्रायल के दौरान लोगों को प्लेसिबो दिया गया था. ऐसे में अब कमेटी ने कहा है कि जिन लोगों ने ट्रायल में हिस्सा लिया है, उन्हें मुफ्त वैक्सीन का ऑफर मिलना चाहिए. जब उनका नंबर आए, तब कंपनी की ओर से मुफ्त वैक्सीन दी जानी चाहिए.
वहीं, ब्राजील में भारत बायोटेक द्वारा दिए गए मंजूरी के आवेदन पर कमेटी का कहना है कि भारत बायोटेक को फिर से क्लीनिकल ट्रायल प्रोटोकॉल को सबमिट करना चाहिए. जिसमें सभी ताजा आंकड़े और जानकारी दी गई हैं.
आपको बता दें कि भारत बायोटेक द्वारा कोवैक्सीन को देश के अलावा विदेशों में भी भेजा जा रहा है. बीते दिनों खबर थी कि ब्राजील की ओर से कोवैक्सीन के आयात पर रोक लगाई गई है, जिसमें कुछ मानकों पर सवाल खड़े किए गए थे. भारत द्वारा दुनिया के कई देशों को वैक्सीन भेजी जा रही है, उनमें कोवैक्सीन भी शामिल है.
मिलन शर्मा