एक तरफ पूरी दुनिया के वैज्ञानिक कोरोना वायरस के इलाज के लिए वैक्सीन और दवाएं विकसित करने के लिए मेहनत कर रहे हैं, दूसरी ओर देश के कई हिस्सों में लोग इस वायरस से निपटने के लिए अजीबो-गरीब अंधविश्वासों का सहारा ले रहे हैं. असम के कई हिस्सों में बड़ी संख्या में लोगों ने अब ‘कोरोना देवी’ की पूजा करना शुरू कर दिया है.
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असम में बड़ी संख्या में लोग, खासकर महिलाएं अब ‘कोरोना देवी पूजा’ कर रही हैं और उनका मानना है कि यह पूजा ही अब इस जानलेवा महामारी का खात्मा करने का एकमात्र उपाय है.
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पूजा से होगा कोरोना वायरस का अंत?
असम के बिश्वनाथ चाराली से लेकर दरंग और गुवाहाटी जैसे जिलों में लोग ‘कोरोना देवी’ की पूजा कर रहे हैं. बिश्वनाथ चाराली में शनिवार को महिलाओं के एक समूह ने नदी के तट पर ‘कोरोना देवी’ की पूजा की. समूह में शामिल एक महिला ने कहा कि उनका विश्वास है कि अब इस जानलेवा वायरस का अंत करने का एकमात्र तरीका यही पूजा है.
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महिला ने कहा, “हम कोरोना माता की पूजा कर रहे हैं. पूजा के बाद हवा आएगी और वायरस को भस्म कर देगी.” दरंग जिले के डलगांव में भी महिलाओं ने ‘कोरोना देवी’ की पूजा की. असम में शनिवार को कोरोना वायरस के 81 नए पॉजिटिव केस दर्ज किए गए और राज्य में अब तक कोरोना के 2324 सामने आ चुके हैं.
हेमंत कुमार नाथ